जौरा बाजार। क्षेत्र के नदवाबिशुनपुर समेत आसपास के कई गांव में उत्पाती बंदर का आतंक कम होने के बजाए दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। बुधवार को दिन में रहसू सुमाली पट्टी गांव के एक दो माह के बालक और कोटहरजहीं निवासी एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को उत्पाती बंदर ने घर में घुसकर काट लिया। वहीं रात करीब आठ बजे उसी बंदर ने नदवाबिशुनपुर गांव के एक घर में घुसकर दो बालकों को काटकर घायल कर दिया। इस बंदर के भय से गांव के लोग बच्चों को दरवाजे पर खेलने नहीं दे रही हैं। वहीं घर में बंदर न घुस जाए, इसके लिए हर समय दरवाजा बंद कर रख रहे हैं। बृहस्पतिवार की सुबह इसकी जानकारी होने पर फाजिलनगर बीडीओ ने एडीओ को बंदर को पकड़वाने का आदेश दिया है।
करीब 15 दिन से एक बंदर के आतंक से पूरे क्षेत्र दहशत फैल गई है। एक बंदर अकेले क्षेत्र के कोटवा करजही, रहसू सूमाली पट्टी, रहसूजनोबीपट्टी, रहसूबाजार, सरैया महंथ पट्टी, दहारी पट्टी, मधुरिया, जोकवा बाजार और धुनवलिया समेत आसपास गांव में घूम रहा है। गांव के लोगों में उस बंदर को देखते ही लोग अपने घर का दरवाजा बंद कर ले रहे रहे हैं। दिन के समय लोग अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। बंदर कब किस गांव में आ जाए कोई ठिकाना नहीं है। नदवाबिशुनपुर में रात बृहस्पतिवार की रात करीब आठ बजे हाजी मोहम्मद सफी के घर में घुसकर उनके छह वर्षीय पोते अहद और चार वर्ष के समद को काट लिया। इसके बाद उनके बेटे समसुज्जोहा को भी काट कर घायल कर दिया। परिवार के लोग उन्हें फाजिलनगर सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टर ने उनकी हालत गंभीर देख मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां उनका इलाज चल रहा है। इस बंदर के आतंक से गांव के लोग अपने छोटे बच्चों को स्कूल नहीं रहे हैं। कुछ लोग अपने बच्चों को अपने साथ स्कूल ले जा रहे हैं।
उधर बृहस्पतिवार को जब कोटवा करजही में एक महिला को बंदर ने काटा, तो उनके परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फाजिलनगर ले गए। वहां एंटी रैबिज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं था, जिससे डॉक्टर उन्हें मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर भेजवाए।