उजारनाथ। जवार भैंसहा गांव के पास मीर माइनर मंगलवार की रात दूसरी बार टूट गई। माइनर का पानी किसानों के खेतों में भर गया। नतीजतन किसानों को अपनी फसलें खराब होने की चिंता सताने लगी हैं। क्षेत्र के किसानों ने सिचाईं विभाग के अभियंताओं को माइनर टूटने का जिम्मेदार मानते हुए डीएम से फसलों की क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
माइनर से क्षेत्र के कई गांव के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। 31 दिसंबर को मीर माइनर का बंधा टूट गया था। किसानों की सूचना पर सिंचाई विभाग ने उसे बधवाया था। लेकिन 15 दिन के अंदर ही दोबारा मीर माइनर टूट गया है। किसानों ने कहा कि माइनर की साफ-सफाई में अनियमितता के कारण दिक्कत आ रही है। रात में पानी बढ़ने पर रिसाव के बाद माइनर का बांध टूट गया है। इससे जवार भैंसहा के किसानों के खेतों में गेंहू, सरसों और मटर की फसल पानी में डूब गई। किसानों ने सिंचाई विभाग अभियंता को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए डीएम से फसलों के नुकसान की हुई क्षतिपूर्ति का मुआवजा मांगा है।
मुनीर आलम, हीरालाल खरवार, राहुल, कामोद, राजेंद्र, छटहु, कांता, शहीद, सतेंद्र, सोनू, शिब्बू, राजेंद्र खरवार, विनय श्रीवास्तव, इंद्रजीत कुशवाहा किसानों ने क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा से इसकी शिकायत की। विधायक ने किसानों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। सिंचाई विभाग के फाजिलनगर के एसडीओ अभियंता रामायन पांडेय ने बताया कि सूचना मिली है। अभियंता व ठेकेदार को मौके पर भेजा हूं। टूटे माइनर को शाम तक ठीक कर दिया जाएगा।