टूटी चाफ माइनर की मरम्मत कराते सिंचाई विभाग के कर्मचारी।
दुदही। बतरौली धुरखड़वा गांव के सामने सोमवार की भोर में पानी के दबाव से बतरौली धुरखड़वा गांव के सामने टूटी चाफ माइनर की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार देर शाम मरम्मत पूरी हो गई। पानी के बहाव से रामपुर टोले पर जाने वाली दो सड़कों का अधिकांश हिस्सा कट जाने से गांव वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। करीब 50 एकड़ से अधिक गन्ने और धान की फसल डूब गई। लोगोंं के घरों में घुसा पानी दूसरे दिन भी नहीं निकल सका।
बतरौली धुरखड़वा गांव के सामने करीब 6 मीटर चौड़ाई में माइनर टूटी माइनर को मंगलवार को जेसीबी और मजदूरों की मदद से ठीक किया जा सका। रेगुलेटर से पानी रोकने के बाद माइनर को ठीक किया जा सका। रामपुर मुसहर बस्ती टोले पर जाने वाली दो सड़क का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा कट गया है। लोगों को पैदल आना-जाना पड़ रहा है। गांव में कोई वाहन नहीं जा पा रहा है। धान की रोपाई के लिए खेतों में डाली गई बेहन बह गई। गन्ने की फसल भी डूब गई हैं। इससे किसानों का लाखों का नुकसान हुआ है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। एक्सईएन रामायण पांडेय ने बताया कि सोमवार की रात पानी के अधिक बहाव के चलते माइनर की मरम्मत नहीं हो सकी। रेगुलेटर से पानी रोकने के बाद मंगलवार को दोपहर बाद माइनर की मरम्मत की गई है।
टूटी चाफ माइनर की मरम्मत कराते सिंचाई विभाग के कर्मचारी।