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चार जिला पंचायत सदस्यों की सदस्यता खत्म

Sat, 07 Apr 2018 11:48 PM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
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जिला पंचायत। - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना।            जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ सोमवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले ही भाजपा को बड़ा झटका लगा है। जिलाधिकारी ने चार जिला पंचायत सदस्यों की सदस्यता खत्म कर दी है। इन सदस्यों के गांव अब नगर क्षेत्र में शामिल हो चुके हैं। इनमें से तीन सदस्य हाटा क्षेत्र के तथा एक कसया क्षेत्र के हैं। इसके साथ ही सदन में सदस्यों की संख्या भी 68 से घटकर 64 रह गई है। अब बहुमत के लिए 33 सदस्यों की ही जरूरत पड़ेगी।      
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कुशीनगर जिला पंचायत में 68 सदस्य थे। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा नेता हरीश राणा चुने गए थे। बीते मार्च महीने में भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश शाही की अगुवाई में जिला पंचायत सदस्यों के एक समूह ने डीएम को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। दोनों पक्षों ने बहुमत अपने साथ होने का दावा करते हुए सदस्यों की परेड कराने के अलावा सूची भी सौंपी थी। सूची में कई नाम दोनों तरफ होने की वजह से डीएम ने फ्लोर टेस्ट कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए नौ अप्रैल की तारीख तय हुई थी। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा तथा अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले गुट ने अपने-अपने समर्थक सदस्यों को सुरक्षित जगह पर भेज दिया था। इस बीच जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा ने हाटा के तीन व कसया के एक सदस्य की सदस्यता पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग कर दी। अध्यक्ष का कहना था कि पंचायतीराज एक्ट के तहत जिन सदस्यों का गांव नगर क्षेत्र में शामिल हो चुका है उनकी सदस्यता स्वत: ही समाप्त हो जाती है। प्रकरण में वरिष्ठ अफसरों से चर्चा के बाद शुक्रवार को कार्रवाई हो गई।             


जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन क्षेत्र के गांव अगर नगर सीमा में शामिल होते हैं तो ऐसी स्थिति में उसकी सदस्यता इस बात पर निर्भर करती है कि सदस्य जिस गांव का वोटर है वह नगर में शामिल हो रहा है या नहीं। अगर सदस्य का गांव नगर क्षेत्र में शामिल होता है तो फिर उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है। परंतु उसका गांव अगर नगर क्षेत्र से बाहर है और निर्वाचन क्षेत्र का गांव नगर क्षेत्र में शामिल भी है तो भी सदस्यता बरकरार रहेगी। हाटा के तीन तथा कसया के एक जिला पंचायत सदस्य का गांव ही नगर क्षेत्र में शामिल है,ग लिहाजा इनकती सदस्यता स्वत: समाप्त हो जाती है। ये लोग फ्लोर टेस्ट में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। इसके लिए डीपीआरओ को निर्देश दे दिया गया है।        
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डीएम आंद्रा वामसी ने बताया कि इस प्रकरण पर विधि विशेषज्ञों व वरिष्ठ अफसरों से परामर्श के बाद निर्णय लिया गया है। सदस्यता समाप्त करने तथा जिला पंचायत की मतदाता सूची से उन सदस्यों का नाम हटाने से संबंधित निर्देश डीपीआरओ को भेज दिया गया है। फ्लोर टेस्ट में ये सदस्य हिस्सा नहीं ले सकेंगे। 
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