सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान के तहत चल रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत मिठवल ब्लॉक के तिलौली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। इसमें टीबी रोगियों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में क्षेत्र के निजी चिकित्सकों, पैथोलॉजी संचालकों और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों ने भाग लिया। अधीक्षक ने सभी प्रतिभागियों को निर्देश दिए कि संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान कर उनका पंजीकरण कराया जाए और इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को अनिवार्य रूप से दी जाए।
उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में निजी क्षेत्र की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। मिठवल क्षेत्र को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए सभी निजी चिकित्सकों और संबंधित संस्थानों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
डॉ. चौधरी ने टीबी के लक्षणों (लगातार खांसी, वजन घटना, बुखार और कमजोरी) की पहचान पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जांच और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही अभियान को कमजोर कर सकती है।
बैठक में टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने और क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी से सहयोग मांगा गया।