मंसाछापर। जटहा बाजार थाने की पुलिस ने किशोरी को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने और दुष्कर्म करने के आरोेपी मौलवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी मौलवी के खिलाफ पुलिस ने अपहरण, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और धर्म परिवर्तन कराने के साथ पॉक्सो व एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज किया था। बताया जा रहा है कि गांव के ही एक मदरसे में रहकर पढ़ाने वाले पंश्चिम बंगाल निवासी मौलवी का बांग्लादेश बॉर्डर पर नियमित आना-जाना था। पुलिस मौलवी के बांग्लादेश कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
पश्चिम बंगाल के जिला उत्तर दिनाजपुर, थाना ग्वाल पोखरा के उत्तर झाड़बाड़ी निवासी मोहम्मद ओवैस दो वर्ष से जटहा बाजार थाना क्षेत्र के एक मदरसे में रहकर पढ़ाता था। आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर गांव की किशोरी से नजदीकी बना ली और यौन शोषण करता रहा। किशोरी के गर्भवती होने पर उसकी मां ने 18 जुलाई को पुलिस को मौलवी के खिलाफ तहरीर दी थी। इसके बाद पुलिस की टीमें मौलवी की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही थी।
सोमवार की देर रात करीब 11 बजे पुलिस को सूचना मिली कि मौलवी कहीं भागने की फिराक में है और पंचमोड़वा चौराहे पर है। एसओ ओमप्रकाश तिवारी और मंसाछापर चौकी प्रभारी गौरव शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस टीम वहां पहुंची तभी मौलवी किशोरी को लेकर पडरौना की तरफ जाने लगा। पुलिस ने उसे दबोच लिया लिया। एसओ ने बताया कि मौलवी ने किशोरी का धर्म परिवर्तन कराने के साथ ही नाम भी बदल दिया था। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी का बांग्लादेश बॉर्डर पर नियमित आना-जाना था। मौलवी के खिलाफ पुलिस जांच कर रही है।