नेबुआ नौरंगिया। मनरेगा योजना की आड़ में सरकारी धन के बंदरबांट का एक और मामला सामने आया है। नेबुआ-नौरंगिया ब्लॉक के रामपुर खुर्द गांव में तीन पोखरों की खुदाई का कार्य केवल कागजों तक ही सीमित पाया गया है। मौके पर निरीक्षण में एक भी मजदूर न मिलने के बावजूद मस्टररोल में 167 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई है।
मामला संज्ञान में आने के बाद डीसी मनरेगा राकेश कुमार ने तत्काल प्रभाव से मेट को बर्खास्त व संबंधित ग्राम प्रधान, सचिव शैलेन्द्र मल्ल और एपीओ अरविंद कुशवाहा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। बीते शुक्रवार को जब रामपुर खुर्द में मनरेगा के तहत पोखरा खुदाई की सच्चाई जानने के लिए निरीक्षण किया गया तो मौके पर कोई भी मजदूर उपस्थित नहीं मिला। जबकि कागजी दस्तावेजों में 167 मजदूरों की उपस्थिति दर्शाई गई थी। स्थानीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना है।