खड्डा। तहसील मुख्यालय खड्डा से बाहर ले जाए जाने के संकेत से परेशान तहसील
बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के साथ हिंदू युवा वाहिनी, भारतीय किसान
यूनियन, व्यापार मंडल और आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों ने बुधवार को
संयुक्त रूप से धरना दिया।
अधिवक्ताओं ने इस दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। बुधवार को दिनभर बाजार बंद कर व्यापारियों ने भी अधिवक्ताओं का समर्थन किया।
इससे पहले मंगलवार की शाम मशाल जुलूस निकला, जबकि खड्डा तहसील की घोषणा पिछले वर्ष 14 मार्च को हुई थी। इसके संचालन के लिए सिंचाई विभाग के परिसर में अस्थायी तहसील कार्यालय बनाकर सभी कार्य किए जा रहे हैं।
इस बीच अधिवक्ताओं को सूचना मिली कि तहसील मुख्यालय खड्डा शहर से पांच किलोमीटर बाहर ले जाने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद अधिवक्ताओं सहित कस्बे के कई लोगों ने भी आपत्ति जताई। खड्डा तहसील के अधिवक्ताओं ने चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन करने का एलान कर दिया।
इसी क्रम में 29 जनवरी को तहसील में धरना देकर अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया था। नौ फरवरी को सामूहिक उपवास रखा, 16 फरवरी की शाम मशाल जुलूस निकालकर नगर भ्रमण किया। बुधवार को खड्डा बाजार बंदकर व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामअवध मद्धेशिया की अगुवाई में व्यापारियों ने तहसील मुख्यालय पहुुंचकर वकीलों के आंदोलन को समर्थन दिया।
हियुवा के जिला प्रभारी अजय गोविंद राव शिशु ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरनास्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। भाकियू के मंडल सचिव रमाकांत तिवारी की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने तहसील पर पहुंच समर्थन दिया। उधर, आम आदमी पार्टी के आरपी मल्ल और डॉ. एनटी खान की अगुवाई में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने भी तहसील में अधिवक्ताओं को समर्थन दिया।
तहसील बार एसोसिएशन खड्डा के अध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल की अगुवाई में चल रहे धरना प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि तहसील मुख्यालय हटाना यहां की जनता के साथ छल है। अगर तहसील अन्यत्र गया तो सस्ता न्याय देने की मंशा बेमानी होगी। धरना शाम पांच बजे तक चला। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद थे।