पडरौना। जनपद में संचालित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की डीएम ने बृहस्पतिवार को एक साथ जांच कराई। सीएचसी का निरीक्षण संबंधित एसडीएम ने किया। जांच के दौरान कई अस्पतालों में कमियां मिलीं।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल ने बृहस्पतिवार को दिन के 11.30 बजे कसया सीएचसी का निरीक्षण किया। वहां के 39 चिकित्सकीय स्टॉफ में महिला डॉक्टर परवीन व एक अन्य चिकित्सक सुरेश नारायण अनुपस्थित पाए गए। इनके अलावा फार्मासिस्ट जाकिर, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश यादव आकस्मिक अवकाश थे। इसी के साथ एसडीएम ने एक्सरे कक्ष, इमरजेंसी वार्ड, परिसर की सफाई, चिकित्सकीय उपकरणों की क्रियाशीलता, जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण एवं अभिलेखीय दस्तावेजों के रख रखाव की जांच की। अस्पताल का इंडिया मार्क टू हैंडपंप भी खराब था। निरीक्षण के दौरान सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके पांडेय, डॉ. मधुसूदन शर्मा, डॉ. पिंकी जोशी, डॉ. मैनेजर यादव, एसके सिंह, फार्मासिस्ट अनिल राव, कमल, राकेश मणि त्रिपाठी, एलटी संतोष कुमार गौड़, एक्सरे आरबी सिंह, दंत चिकित्सक आजाद, नेत्र चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार सिंह, प्रेम गुप्ता, हरिनारायण तथा रामनक्षत्र आदि मौजूद रहे। एसडीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। यह जांच डीएम के निर्देश पर की गई।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार को एसडीएम गुलाबचंद ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। सीएचसी के रखरखाव पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया तथा छोटी-छोटी कमियों को अपने स्तर पर हल करने का निर्देश दिया। महिला अस्पताल के निरीक्षण में पता चला कि टेंडर होने के बावजूद ठेकेदार की तरफ से प्रसूताओं को भोजन नहीं दिया जाता है। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए लिखित रिपोर्ट डीएम को सौंपने की बात कही। एसडीएम ने बताया कि एनएच 28 के किनारे होने के बावजूद तमकुहीराज सीएचसी में महिला चिकित्सक व सर्जन की नियुक्ति नहीं है। चिकित्सको सहित अन्य खामियों की रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है।
सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार का कहना था कि डीएम के निर्देश पर जनपद की 14 सीएचसी और 53 एडिशनल पीएचसी की जांच हुई। अभी 20 जांच अधिकारियों की रिपोर्ट आयी है। पूरी रिपोर्ट आ जाने के बाद उसे कंपाइल कर शुक्रवार को डीएम को भेजी जाएगी।