पडरौना। पांच सौ और एक हजार रुपये की नोटबंदी का असर अब तक कम नहीं हुआ है। न तो बैंकों के बाहर लाइन कम हो रही है और न ही एटीएम से उम्मीद खत्म हो रही है। रविवार को बैंक भले ही बंद रहे, लेकिन एटीएम से रुपये निकलने की उम्मीद में लोग इधर-उधर भटकते रहे।
पडरौना नगर में विभिन्न बैंकों की तरफ से 20 से भी अधिक एटीएम लगाए गए हैं, लेकिन इक्का-दुक्का एटीएम ही ग्राहकों की उम्मीद को कुछ पूरा कर पा रहे हैं। मसलन, एचडीएफसी बैंक। इस बैंक ने फुटकर रुपये की किल्लत के बावजूद अपने एटीएम में 100-100 रुपये के नोट उपलब्ध करा दिए हैं, जिससे ग्राहकों की कुछ जरूरतें पूरी हो जा रही हैं। आलम यह है कि इस बैंक के एटीएम पर सुबह से देर रात तक ग्राहकों की लंबी लाइन लगी रह रही है। अन्य बैंकों जैसे एसबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक आदि ने भी नगर में जगह-जगह अपने एटीएम लगा रहे हैं, लेकिन नोटबंदी के फरमान के बाद इनमें कोई ग्राहकों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहा है। रविवार को अवकाश होने के कारण बैंक तो बंद रहे, साथ ही ज्यादातर एटीएम ने भी ग्राहकों का साथ नहीं दिया। एटीएम बंद रहने के कारण ग्राहक एक से दूसरे एटीएम पर भटकते नजर आए।
रामकोला में पांच एटीएम, सभी बंद
रामकोला। नोटबंदी के फरमान के बाद रामकोला के एटीएम भी लोगाें के काम नहीं आ रहे हैं। यहां पांच एटीएम लगाए गए हैं, लेकिन किसी का ताला नहीं खुल रहा है।
रामकोला कस्बे में सीबीआई, पीएनबी सहित अन्य बैंकों के कुल पांच एटीएम लगे हैं। नोटबंदी के बाद से इनमें से किसी एटीएम से लोगों को रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में काफी मायूसी है।