पडरौना। बसपा की ओर से घोषित प्रत्याशी कप्तानगंज के ब्लॉक प्रमुख ममता चौधरी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगी। यह घोषणा उन्होंने अपने पति पूर्व विधायक शंभू चौधरी के साथ एक होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सत्ताधारी दल पर धन और बाहुबल का प्रयोग करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि धनबल से चुनाव जीतने पर पार्टी की छवि धूमिल होगी। इसके पूर्व पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में लिए गए फैसले के बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया।
बैठक के दौरान गहबर उपाध्याय, हरिश्चंद्र अग्रहरि, श्याम सिंह, मारकंडेय दुबे, उमेश सिंह, रामकृपाल और इंद्रजीत मद्धेशिया आदि लोगों ने कहा कि धनबल से अध्यक्ष बनने पर क्षेत्र का विकास नहीं होगा। पूर्व विधायक शंभू चौधरी ने कहा कि चुनाव में सदस्यों की खरीद-फरोख्त करना स्वच्छ राजनीति कतई नहीं है। सत्तापक्ष के लोग सदस्यों को धमका रहे हैं और उन्हें प्रलोभन दे रहे हैं। बसपा प्रत्याशी ममता का कहना है कि जनसंपर्क के दौरान कई जिला पंचायत सदस्यों ने उनसे कहा कि सत्तापक्ष का दबाव है, लोग धमका रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में स्वच्छ चुनाव संभव नहीं प्रतीत हो रहा। बसपा से जुड़े लोग स्वच्छ राजनीति में विश्वास करते हैं।
मौजूदा हालात को देखते हुए और पार्टी से जुड़े लोगों की ओर से लिए गए फैसले के बाद चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से जोनल क्वार्डिनेटर सुरेशचंद्र भारती और जिलाध्यक्ष रामध्यान प्रसाद को अवगत करा दिया गया है। इस मौके पर नंदलाल भारती, संजय गुप्ता, बैजनाथ गुप्त, दिलीप साहनी, रवींद्र जायसवाल, लड्डन अंसारी, बबलू कन्नौजिया, सचिन सिंह, दारा अग्रहरि, राजेश जायसवाल आदि मौजूद रहे।