पडरौना। मानसून का सीजन शुरू हो चुका है। बरसात का मौसम लोगों को गर्मी से राहत तो देता है। बारिश के साथ ही संक्रामाक रोग बढ़ने की संभावनाएं बढ़ जाती है। इसमें मेडिकल कालेज में टायफाइड, मलेरिया, उल्टी दस्त डायरिया आदि बीमारियों और संक्रमण वाले मरीज भी पहुंचने लगे है।
सोमवार को बारिश के कारण मेडिकल कालेज में मरीजों की संख्या कम रही। करीब एक हजार की ओपीडी हुई। इसमें बुखार व संक्रकमण के 60 से 70 मरीज आए। लंबे समय से बुखार आने वाले मरीजों की टाइफाइड मलेरिया की जांच के लिए डॉक्टरों ने सलाह दिया। फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि बारिश के मौसम में संक्रामक रोग के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। मच्छर के काटने से मलेरिया होता है। जिन मरीजों को लंबे समय से बुखार आता है ऐसे मरीजों की टायफाइड की जांच कराई जाती है। टाइफाइड व मलेरिया के मरीज आ रहे है। सामान्य बुखार, मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड जैसी बीमारियां होती हैं। डाक्टरो ने कहा कि ऐसी बीमारी का मुख्य कारण साफ सफाई आभाव और आसपास गंदगी से निकलने वाले कीटाणु हवा के साथ त्वचा में प्रवेश कर जाते हैं। जिसका आसानी से पता नहीं चल पाता है। बुखार होने पर भी त्वचा में इसके लक्षण नजर आते हैं। इन सब से बचाव का एक ही उपाय है कि आसपास गंदगी न होने दें। हाथों को बराबर साबुन से धुलें, नजदीकी सरकारी अस्पताल के डाक्टर से सलाह लें।