रामकोला। बुधवार की सुबह सात बजे रामकोला सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं के साथ नसबंदी कराने पहुंची महिलाओं को पहले कई घंटे इंतजार कराया गया।
उसके बाद एक इंजेक्शन का अभाव बताकर नसबंदी करने से मना कर दिया गया। इस पर महिलाएं और उनके परिवार के सदस्य काफी नाराजगी जताते और स्वास्थ्य विभाग को कोसते हुए लौट गए।
रामकोला क्षेत्र के कई गांवों की आशा कार्र्यकर्ताओं ने नसबंदी के लिए महिलाओं को अपने साथ लेकर सीएचसी पर पहुंची थीं। यहां पर उन्होंने बाबू से नंबर लगाने को कहा।
जब दस बज गया तो बाबू इधर-उधर की बातें करने लगे। उसके बाद इंजेक्शन नहीं होने की जानकारी चिकित्सा प्रभारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव को हुई। उन्होंने जिला अस्पताल पर बात की। पर वहां भी बात नहीं बनी। उसके बाद महिलाओं को वापस जाने के लिए कहा गया।
नसबंदी के लिए आई आशा देवी, सुनीता देवी, विद्या देवी, गीता देवी, सुनौना देवी, संगीता देवी, विमला देवी, सुनीता, बबिता देवी, निर्मला देवी, कमलावती देवी सहित करीब 40 महिलाओं को परेशानी हुईं। इनके परिवार के लोगों ने कहा कि वे अपने कई जरूरी काम छोड़कर आए थे।
अगर इंजेक्शन नहीं था तो पहले ही आशा को बता देना चाहिए था। ताकि इतने लोग परेशान नहीं हुए होते। इस बारे में सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि ‘फोर्टविन इंजेक्शन’ खत्म हो गया है।
वह मिल नहीं रहा है। उसे मंगाने का इंतजाम किया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि जल्द ही इंजेक्शन उपलब्ध हो जाए, ताकि फिर ऐसी दिक्कत न आए।