एक माह का खरमास बीतने के बाद शनिवार को जिले भर में मकर संक्रांति का पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। सुबह लोगों ने स्नान-दान के बाद तिल और चावल आदि की बनी लाई का सेवन किया। घरों में खिचड़ी बनाई गई। बच्चों और युवाओं में पतंगबाजी को लेकर ज्यादा उत्सुकता देखी गई। इस मौके पर जनपद के मंझरिया गांव में जहां खिचड़ी मेला का आयोजन किया गया, वहीं सरयां बुजुर्ग गांव में मेला लगा रहा। कसया के रामजानकी मंदिर में खिचड़ी भोग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
शनिवार को सुबह उठकर ही लोगों ने स्नान-दान के बाद पूजा-अर्चना की। उसके बाद चावल, मक्का, बाजरा, चिउड़ा से बनी लाई और तिल से निर्मित लड्डू का सेवन किया। पडरौना नगर सहित जनपद के विभिन्न हिस्सों में पतंगबाजी भी खूब हुई। बच्चों और युवकों ने बाजार से पतंग, मांझा, धागे और चरखी खरीदी। उसके बाद छतों और मैदानों में जाकर पतंग उड़ाई। पूरे दिन पतंगबाजी होती रही।
आरएसएस के स्वयंसेवकों ने उत्सव मनाया
मकर संक्रांति के अवसर पर शनिवार को बांसी नदी के किनारे शिवाघाटपर उत्सव का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सेवरही इकाई की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मकर संक्रांति को हिंदू समाज के लिए सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया गया। स्वयं सेवकों ने एक-दूसरे को तिल, गुड़ और चावल से बने लाई का आदान-प्रदान किया। साथ ही एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।
स्वयंसेवकों ने सबसे पहले ध्वज प्रणाम किया। आरएसएसके जिला प्रचारक लालजी ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व हिंदू समाज के लिए सामाजिक समरसताका पर्व है। यह आरएसएस की ओर से मनाए जाने वाले छह पर्वों में से एक है। यह हमें मिल जुलकर रहने का संदेश देता है।
इस अवसर पर आरएसएस के नगर संचालक प्रहलाद केसरी, गुरुशरण जायसवाल, प्रहलाद वर्मा, राजेश जायसवाल, सहदेव बर्नवाल, केदार प्रजापति, शेखर श्रीवास्तव, मिथलेश मद्धेशिया, प्रेम जायसवाल, सुमंत मिश्रा, अनुराग, अतुल, उमेश, अर्जुन, हरेंद्र, मनोज सहित कईलोग मौजूद थे। इसके साथ ही सेवरही क्षेत्रके राजपुर, टिकुलिया, पिरोजहां, गोलाघाट, पिपराघाट, जंगलीपट्टी, दुबौली, परसा, दोमाठ, भगवानपुर, दौनहा, पकड़िहार सहितअन्य गांवों में भी मकर
संक्रांति का पर्व मनाया गया।
कस्बा सहित ग्रामीण इलाकों में श्रद्धा और परंपरागत तरीके से मकर संक्राति का पर्व मनाया गया। कस्बे के रामजानकी मंदिर परिसर में खिचड़ी भोग कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें काफी संख्या में लोगों ने खिचड़ी का भोग किया।
शनिवार को सुबह हिंदू परिवारों ने नदियों और घरों में स्नान किया। उसके बाद तिल, लाई, चावल, सब्जी दान किया गया। मान्यता है कि भगवान भास्कर मकर संक्राति पर्व से ही उत्तरायण होते हैं। इसका धार्मिक और मानव जीवन से गहरा रिश्ता है।
मकर संक्रांति पर्व कस्बे के श्रीरामजानकी मंदिर (मठ) पर श्रद्धा और उल्लास पूर्वक मनाया गया। इस मंदिर में भगवान श्रीरामचंद्र के दरबार में खिचड़ी का प्रसाद चढ़ाकर भोग लगाया गया। वहीं मंदिर में पहुंचे लोगों ने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। महंत त्रिभुवनशरण दास और पुजारी देवशरण ने मकर संक्रांति के बारे में विस्तार से लोगों को बताया। कहा गया कि भगवान भास्कर पूरे ब्रह्मांड के देवता हैं। सृष्टि में अपार ऊर्जा के एकमात्र स्रोत सूर्यदेव ही हैं। इनके प्रकाश से पूरी सृष्टि प्रकाशवान होती है।
इस मौके पर कुश मद्धेशिया, ओम प्रकाश जायसवाल, संतोष सिंह, ज्ञानी जायसवाल, रवि गुप्त, रामआशीष शुक्ल, इंद्रासन प्रसाद, संत, डॉ. बीके पांडेय, अमरचंद जायसवाल, डॉ. छेदी शर्मा, विशाल शर्मा, सुमित त्रिपाठी, राकेश गिरी, दिनेश गुप्त, सभासद महेश जायसवाल, अरविंद जायसवाल, राजेश मद्धेशिया सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद थे।
तुर्कपट्टी सूर्यमंदिर में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया
ऐतिहासिक महत्व वाले सूर्य मंदिर में शनिवार को काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर में दिन भर भजन कीर्तन होता रहा।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी तुर्कपट्टी के गुप्तकालीन सूर्य मंदिर में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक मनाया गया। लोगों ने भगवान भाष्कर सहित सभी देव प्रतिमाओं पर खिचड़ी चढ़ाकर उनसे मंगलमय भविष्य का आशीर्वाद मांगा। बच्चों, निर्धनों एवं भिक्षुकों सहित अन्य लोगों ने मंदिर प्रबंधन की तरफ से बना महाप्रसाद ग्रहण किया। क्षेत्र भर से आए साधु-संतों ने भजन एवं कीर्तन प्रस्तुत किया।
इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में विरेंद्र शाही, मुन्ना शाही, नवीन शाही, चंद्रजीत यादव, शंभू पांडेय, अमित राय, दिलीप राय, कामेश्वर शाही , शैलेंद्र कुमार तिवारी, बिट्टू शाही, अजय श्रीवास्तव, नंदलाल सिंह, रामेश्वर शाही ने सहयोग किया। इस दौरान एसओ तुर्कपट्टी नवीन कुमार सिंह भी अपने सहयोगियों के साथ उपस्थित रहे।
रामकोला चीनी मिल के गुरुद्वारा में मनाई गई लोहड़ी
कस्बे में संचालित हो रही चीनी मिल के गुरुद्वारे में शनिवार की रात लोहड़ी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। सरदार जसपाल सिंह की अगुवाई में महिलाओं और बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस गुरुद्वारे में रात को सरदार ज्ञानी जसवीर सिंह, सरदार जसपाल सिंह, मोहन कोहली, यशपाल सिंह, कमलराज मधोक, शिवम चड्ढा, सुनील चड्ढा, कमल कोहली, हर्ष सूरी, राजेश शर्मा के अलावा नीतू मधोक, अंजना चड्ढा, रेखा साहनी, कुमुद चड्ढा, मान्या शर्मा के अलावा चीनी मिल के अधिकारी-कर्मचारी लोहडी पर्व पर शामिल हुए। इस अवसर पर चीनी मिल के उपाध्यक्ष एमए कुरैशी, फैक्ट्री मैनेजर मानवेंद्र राय, ओमप्रकाश तिवारी, आनंद मिश्रा आदि उपस्थित थे।