फाजिलनगर। भगवान भोलेनाथ अमंगल वेश होते हुए भी मंगल के सूचक हैं। माता पार्वती से परिणय सूत्र में बंधने के लिए भगवान शिव राजा हिमाचल के यहां पहुंचे तो उनकी बरात में सभी देवी-देवता के अलावा भूतप्रेत भी शामिल रहे।
ये बातें कथा वाचक प्रियंका द्विवेदी ने कहीं। वे सोमवार को बड़हरा स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित पंचमुखी हनुमत प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ के मौके पर रामकथा सुना रहीं थी। उन्हाेंने कहा कि शिव बरात में सभी देवता अपने-अपने वाहन पर सज-धज कर चल रहे थे। उनकी बरात नहीं यमराज की सेना मालूम पड़ती है। इन बरातियों को देख सभी आश्चर्य चकित थे। माता पार्वती और भोलेनाथ की परिणय लोक कल्याण के लिए सम्पन्न हुआ। कथा का शुभारंभ समिति के संरक्षक पृथ्वीपाल सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हरिकेश गोंड और नंदलाल विद्रोही ने व्यास पीठ का पूजन कर किया। इस दौरान अमित सिंह, रामजी कुशवाहा, तेजप्रताप सिंह उर्फ मुन्ना बाबू, महातम सिंह, जय सिंह आदि मौजूद रहे।