पडरौना। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के चलते गैस आपूर्ति में रुकावट का असर जिले में भी रसोई गैस की किल्लत के रूप में दिखाई दे रहा है। जबकि जिला प्रशासन का दावा है कि रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है। उपभोक्ता घरेलू गैस के लिए नियमानुसार बुकिंग करने के बाद ही गैस एजेंसियों पर ही जाएं। यही नहीं, घरेलू गैस की आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए जांच की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जांच के दौरान उपभोक्ताओं से बातचीत कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को जरूरी निर्देशों के अनुपालन की नसीहत दी जा रही है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल रही है। आए दिन जिले में संचालित गैस एजेंसियों पर गैस के लिए उपभोक्ताओं की लाइन भोर में ही लग जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर बनाई गई रणनीति धरातल पर बेअसर साबित हो रही है।
गैस संकट को देखते हुए सरकार और तेल कंपनियों ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं, लेकिन इनका लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलता नहीं दिखाई दे रहा है। 25 दिन का लॉक इन पीरियड भी नहीं कम कर पा रहा गैस का संकट। जमाखोरी रोकने के लिए दो सिलिंडर के बीच की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। हालांकि, इससे उन परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिनके यहां खपत अधिक है।
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जिले में संचालित सभी गैस एजेंसी संचालकों से घरेलू गैस के वितरण में कोई गड़बड़ी सामने नहीं आनी चाहिए । पहले आवक व पहले पावक के आधार पर गैस वितरित करने के लिए संचालकों को निर्देश दिए गए हैं। सरकार,पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारी व जिला प्रशासन समन्वय स्थापित कर काम कर रहा है। मिल रही शिकायतों की जांच कर दूर करवाया जा रहा है। -कृष्ण कुमार त्रिपाठी, डीएसओ, कुशीनगर
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महिलाएं बोलीं:-
पडरौना शहर स्थित इंडेन एजेंसी में गैस का कनेक्शन है। तीन दिन से भोर में गैस के लिए एजेंसी पर सिलिंडर लेकर आ रही हूं। लेकिन, गैस की गाड़ी नहीं आई। इसके चलते बिना गैस के ही घर वापस लौट रही हूं। -अनिता वर्मा, राजपूत कॉलोनी
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पडरौना शहर में छावनी स्थित एजेंसी पर भोर में ही गैस लेने के लिए पहुंची थी। 200 लोगों की लंबी लाइन लगी हुई थी। लाइन में 150 नंबर पर थीं,काफी इंतजार के बाद जब गैस की गाड़ी नहीं पहुंचने की जानकारी हुई तो बिना गैस ही वापस लौटना पड़ा। -रैनी देवी, मुन्ना कॉलोनी
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कुशीनगर में 101 गैस एजेंसियां
कुशीनगर जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की संख्या नौ लाख के करीब है। जिन्हें खाना पकाने के लिए गैस आपूर्ति कुल 101 संचालित गैस एजेंसियों से होता रहा है। लेकिन बीते 28 फरवरी से ईरान-इस्राइल व अमेरिका के बीच चल रहे तनातनी व संघर्ष के चलते गैस की आपूर्ति व मांग को लेकर दिक्कतें सामने आई हैं। जिसके चलते उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी हुई है।
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गैस एजेंसी का 30 फीसदी कोटा घटा
कसया। नगर में संचालित कांति गैस एजेंसी संचालक जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी एजेंसी का 30 फीसदी कोटा कम कर दिया गया है। एजेंसी से 32 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। हर माह लगभग 30 गाड़ी रसोई गैस की आपूर्ति होती थी। लेकिन मार्च में अब तक आपूर्ति होने वाली गैस में 30 फीसदी की कटौती की गई है। गैस उपभोक्ता राजेश ने बताया कि बीते चार मार्च को ऑनलाइन सिलिंडर बुक कराया था। अब तक डिलीवरी नहीं हुई है, जबकि पोर्टल पर डिलीवरी दिखा रहा है। गैस उपभोक्ता मुन्ना ने कहा कि घर में शादी है। गैस की जरूरत है, हालात यह है कि अब न तो घरेलू गैस मिल रही है और नहीं व्यावसायिक सिलिंडर।
रामकोला नगर क्षेत्र के मेहदीगंज के समीप गैस ऐजन्सी पर लगा भीड़ । संवाद
रामकोला नगर क्षेत्र के मेहदीगंज के समीप गैस ऐजन्सी पर लगा भीड़ । संवाद
रामकोला नगर क्षेत्र के मेहदीगंज के समीप गैस ऐजन्सी पर लगा भीड़ । संवाद
रामकोला नगर क्षेत्र के मेहदीगंज के समीप गैस ऐजन्सी पर लगा भीड़ । संवाद
रामकोला नगर क्षेत्र के मेहदीगंज के समीप गैस ऐजन्सी पर लगा भीड़ । संवाद
रामकोला नगर क्षेत्र के मेहदीगंज के समीप गैस ऐजन्सी पर लगा भीड़ । संवाद