लोकरंग की तैयारियों में आई तेजी, लगाए जा रहे पोस्टर
दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर से आ रहे हैं भोजपुरी गायक केम चंदलाल
पडरौना (कुशीनगर)। फाजिलनगर ब्लॉक के गांव जोगिया जनूबी पट्टी में होनेवाले लोकरंग महोत्सव की तैयारी शुरू हो गई है। 10 अप्रैल से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के लिए जगह-जगह पोस्टर लगाए जा रहे हैं। दो दिवसीय इस सांस्कृतिक महोत्सव में विभिन्न प्रांतों की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
कार्यक्रम आयोजक वरिष्ठ साहित्यकार सुभाष कुशवाहा ने बताया कि शनिवार 10 अप्रैल की
रात साढ़े आठ बजे ‘लोकरंग-2021’ पत्रिका के लोकार्पण से कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन होगा। इसके बाद गांव की महिलाओं/बालिकाओं मतिरानी देवी, पूजा, अंशु, प्रीति और अमृता द्वारा पीड़िया गीत की प्रस्तुति सबको लुभाएगी। इसके बाद लोकगीत/जनगीत, परिवर्तन रंग मंडली, जीरादेई, सिवान बिहार की तरफ से प्रस्तुत होगा जिसमें मुख्य गायक आशुतोष, फिरोज आलम, अजीत शाह, पंकज राम, विवेक सिंह, आकाश यादव, अनूप कुमार, प्रतिमा कुमारी, नितम कुमारी, अंशु शर्मा, कविता एवं अन्य साथी रहेंगे। रात 10 बजे से दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर से आ रहे भोजपुरी गायक केम चंदलाल अपनी प्रस्तुति देंगे।
इसके बाद बीहू नृत्य, नटरंग कल्चरल एसोसिएशन जपरकुची, नालबारी असम द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। संगीता बर्मन के निर्देशन में कलाकार नाबाजीत बर्मन, पल्लवी बर्मन, अस्मिता बर्मन, पिनाकी राजबोंगशी, पल्लबी राजबोंगशी, शताब्दी शर्मा, गीतेन वैश्य, सोनू, दीपांकर, करुणा और हिरक दास प्रस्तुति देंगे। इसके बाद बुंदेलखंड का प्रसिद्ध राई नृत्य होगा। इसके बाद राजस्थानी लोकगीत एवं नृत्य, पारंपरिक मांगणियार कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। रात में साढ़े बारह बजे से उर्मिलेश थपलियाल का लिखा नाटक ‘तुम सम पुरुष न मो सम नारी’ का मंचन होगा।
‘लोक का संकट और लोक साहित्य’ विषय पर होगी गोष्ठी
11 अप्रैल (रविवार )सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक ‘लोक का संकट और लोक साहित्य’ विषय पर विचार गोष्ठी होगी। इसमें पटना के लोक संस्कृति मर्मज्ञ तैय्यब हुसैन, प्रो. दिनेश कुशवाहा, बलभद्र मदनमोहन, जितेद्र भारती, धीरेन्द्र नाथ, डॉ. सदानंद शाही, डॉ. अनिल राय समेत कई वरिष्ठ साहित्यकार मौजूद रहेंगे। इसके बाद रात में साढ़े आठ बजे पटना का गायन हिरावल की प्रस्तुति होगी जिसमें मुख्य गायक संतोष झा एवं प्रीति प्रभा, ब्यूटी रंजना, खुशबू, राजन कुमार, राजेश रंजन, सुमन कुमार और संतोष सहर मौजूद रहेंगे। दक्षिण अफ्रीका के भोजपुरी गायक केम चंदलाल भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद माधोपुर सखवनिया के कलाकार फरुवाही नृत्य प्रस्तुत करेंगे। दूसरे दिन बीहू नृत्य के बाद बिरहा गायन भी होगा। राजस्थानी लोकगीत व नृत्य की प्रस्तुति होगी।
मुंशी प्रेमचंद के नाटक ‘बूढ़ी काकी’ का होगा मंचन
रविवार रात ही साढ़े बारह बजे से मुंशी प्रेमचंद के नाटक ‘बूढ़ी काकी’ का मंचन होगा। रात में डेढ़ बजे इस दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन होगा। राजू बहुरुपिया की तरफ से बहुरुपिया कला का भी प्रदर्शन भी सबको आकर्षित करेगा। कार्यक्रम स्थल की साज-सज्जा संभावना कला मंच गाजीपुर की तरफ से किया जा रहा है। इस लोकरंग महोत्सव के मद्देनजर शनिवार को फाजिलनगर से लेकर कार्यक्रम स्थल तक जगह-जगह पोस्टर लगाए गए। आयोजक सुभाष कुशवाहा ने बताया कि अपनी लोक संस्कृति को बचाने के लिए शुरू किए गए इस प्रयास में अब तीन पीढ़ियों के लोग जुट रहे हैं। गांव के बुजुर्ग, नौजवान व बच्चे बड़े उत्साह से कार्यक्रम की तैयारियों को पूरा करा रहे हैं।