जमीन के लालच में भतीजी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
- एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगा
पडरौना। जमीन की आधी हकदार भतीजी की संपत्ति हड़पने के लिए हत्या करने वाले व्यक्ति को शुक्रवार के दिन न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास एवं एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वादी की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जीपी यादव ने बताया कि बिहार के गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र अंतर्गत जगरनाथपुर तेतरिया निवासी सिंघासन ने 12 अक्तूबर 2001 को विशुनपुरा थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि पुत्री भगमनिया की शादी विशुनपुरा थाना क्षेत्र के शाहपुर माफी निवासी नथई यादव से की थी। उनके दामाद व बेटी की मौत हो गई है। दोनों से एक लड़की रीता थी, जिसकी उम्र 18 वर्ष थी। वह अपने चाचा राजमंगल उर्फ मंगनी यादव पुत्र रक्षा यादव के साथ रहती थी। उसके पास अच्छी खेती थी तथा संपन्न थी। उन्होंने बताया था कि नतिनी रीता जमीन की आधी हिस्सेदार थी। उसी जमीन के लालच में 11 दिसंबर 2001 की रात उसके चाचा राजमंगल उर्फ मंगनी यादव और चाची सुमित्रा देवी ने रीता की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी चाचा-चाची के खिलाफ हत्या और आयुध अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया और विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुशीनगर की ओर से यह मुकदमा सत्र न्यायालय को सुपुर्द कर दिया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि इस मुकदमे की सुनवाई शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। साक्ष्यों और गवाहों को देखने-सुनने के बाद उन्होंने आरोपी राजमंगल उर्फ मंगनी को रीता की हत्या का दोषी पाया। इसलिए राजमंगल को आजीवन कारावास व एक लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि इस मुकदमे की दूसरी आरोपी राजमंगल की पत्नी की पहले ही मौत हो हो चुकी है।