पडरौना। अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की जिला इकाई ने शनिवार को भी धरना दिया। इन्हें राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष ने धरनास्थल पर पहुंचकर संगठन की ओर से समर्थन दिया।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के लेखपाल 23 अगस्त से ही कार्य बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इनकी मांग है कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर की जाए, लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक एवं शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200 पे 2800 किया जाए, लेखपाल संवर्ग का कॉडर पूर्ववत जनपदस्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन किया जाए, पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक तथा कार्यालय में राजस्व निरीक्षक के 626 पदों का सृजन किया जाए, राजस्व निरीक्षक प्रोन्नति एवं नायब तहसीलदार के प्रोन्नति के लिए राजस्व परिषद के प्रस्ताव के अनुसार नियमावली में संशोधन किया जाए, ई-डिस्ट्रिक्ट, आईजीआरएस आदि शासन की विभिन्न योजनाओं के सुचारु रूप से क्रियांवयन के लिए लेखपालों को लैपटॉप तत्काल उपलब्ध कराया जाए तथा एक अप्रैल 2005 से पूर्व चयनित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिया जाए।
धरना में जिलाध्यक्ष संजीवन कुमार मिश्रा, जिला मंत्री निलेश रंजन राव, जिला कोषाध्यक्ष प्रमोद यादव, तहसील अध्यक्ष अशोक वर्मा, प्रदीप गुप्ता, मुकुट बिहारी, बृजनारायण सिंह, रामनक्षत्र शर्मा, अरविंद पति त्रिपाठी, मारकंडेय गुप्ता, पूर्व वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र गुप्ता, बृजेश मणि, शिव मुरारी लाल, रमेश, हरिशंकर, प्रद्युम्र, राधेश्याम सिंह सहित कई लेखपाल शामिल थे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष प्रभुनंद उपाध्याय ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपने संगठन की ओर से समर्थन दिया। उनके साथ पाटेश्वरी चौबे, ध्रुव कुमार शर्मा, वीरेश्वर सिंह, राघवेंद्र राव, गणेश आदि मौजूद थे।