डीएम ने बुधवार को तमकुहीराज तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान कर्मचारियों की लापरवाही से नाराज डीएम ने एसडीएम व तहसीलदार को फटकार लगाई।
पूर्वाह्न 11 डीएम शम्भु कुमार और एडीएम रामकेवल तिवारी तहसील मुख्यालय पहुंचे। परिसर की सफाई का निरीक्षण करने के बाद डीएम सबसे पहले खतौनी कंप्यूटर कक्ष में पहुंचे। वहां उन्होंने सारे प्रपत्रों की जांच के बाद बुधवार को निर्गत हुए खतौनी के नकल का रजिस्टर मांगी तो नया रजिस्टर उपलब्ध कराया गया। उस वक्त तक 123 नकल जारी करने का ब्यौरा दर्ज था। इसके बाद डीएम ने पुराना रजिस्टर तलब किया।
तहसीलदार ने बताया कि औसतन चार सौ नकल प्रतिदिन निर्गत किए जाते हैं। डीएम आदेश दर्ज किए जाने वाले कंप्यूटर कक्ष में बैठकर खतौनी में दर्ज अमल दरामद आदेशों की प्रक्रिया की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने गोसाईं पट्टी के वरासत के एक मामले से संबंधित फाइल की जांच कर कंप्यूटर में फीड होने की पुष्टि की। उन्होंने संबंधित गांव के लेखपाल को बुलाया, लेकिन आधे घंटे तक इंतजार के बाद लेखपाल नहीं पहुंचे। इससे नाराज डीएम ने एसडीएम को फटकार लगाई।
डीएम ने रजिस्टार कानूनगो कार्यालय, निर्वाचन कार्यालय, संग्रह अमीन कार्यालय में पहुंच कर वहां हो रहे कार्यों की जानकारी ली। संग्रह अमीन कार्यालय में अमीनों के मौजूद नही होने पर तहसीलदार को भी फटकारा। निरीक्षण कर बाहर निकले डीएम को यहां कई वर्ष से बनकर तैयार ओवर हेड टैंक एवं शौचालय बंद होने की बात बताई गई। इस पर उन्होंने जानकारी कराकर कार्रवाई की बात कही।
डीएम को तहसील परिसर में मौजूद कई लोगों ने शिकायती पत्र भी दिया। इस दौरान एसडीएम गणेश प्रसाद, तहसीलदार रामसुधार, मोहनलाल, शुभम सहित कई कर्मचारी मौजूद थे। एडीएम ने बताया कि कुछ कमियां मिली हैं, जिनमें सुधार के लिए निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले कुछ कर्मचारियों का वेतन भी रोका जाएगा।
प्राइवेट कर्मचारी नजर नहीं आएः हर वक्त तहसील कार्यालय के विभिन्न कमरों में कर्मचारियों के साथ मौजूद रहकर लोगों पर धौंस जमाने वाले प्राइवेट कर्मचारी व मुंशी बुधवार को डीएम के निरीक्षण के वक्त नजर नहीं आए। फलस्वरूप डीएम के फाइल मांगने पर संबंधित कर्मचारी परेशान हो गए। फाइल ढूंढने में इन कर्मचारियों को बड़ी देर तक मशक्कत करनी पड़ी।