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Kushinagar News: अयोध्या में साथी की गिरफ्तारी के विरोध में लेखपाल लामबंद, कार्य बहिष्कार

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पडरौना। अयोध्या में साथी की गिरफ्तारी के विरोध में जिले के लेखपाल लामबंद हो गए हैं। शनिवार को कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। साथी की गिरफ्तारी की निंदा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। सदर तहसील परिसर में लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। लेखपालों ने चेताया कि यदि उनकी मांगे शीघ्र पूरा नही हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष रामदर्शन शर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग का मेहनती, ईमानदार एवं जनता से सीधे जुड़ा हुआ अग्रिम पंक्ति का कर्मचारी है। कई बार असंतुष्ट व्यक्ति निजी स्वार्थ अथवा दुर्भावनाग्रस्त होकर लेखपाल को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश करता है। एसीओ/एंटी करप्शन एवं विजिलेंस टीम की तरफ से कई मामलों में शिकायत की वास्तविकता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, उसकी रंजिश एवं शिकायत के उद्देश्य तथा संबंधित कार्य में लेखपाल की वास्तविक भूमिका एवं अधिकार क्षेत्र का पर्याप्त परीक्षण किए बिना ही ट्रैप कार्रवाई की शिकायतें सामने आ रही हैं।
20 अगस्त को अयोध्या की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्ष दीप के साथ हुई घटना ने पूरे लेखपाल संवर्ग को अत्यंत आहत कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से संबंधित उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज एवं वायरल वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों के संबंध में गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान अनन्त कुमार सिंह, योगेंद्र गुप्ता, अग्निवेश पांडेय, कमलेश कुशवाहा, पिंकी मिश्रा, शिवेंद्र प्रताप सिंह, सच्चिदानंद, संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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कसया संवाद के अनुसार, तहसील लेखपाल संघ के मंत्री सुनील कुशवाहा ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच किसी भी विवाद का समाधान नियमानुसार किया जाना चाहिए। इस दौरान लेखपाल अजय दुबे, शाइस्ता खातून, आलोक श्रीवास्तव, राजन मिश्रा, सुनील यादव, राजन पांडेय आदि मौजूद रहे।
कप्तानगंज संवाद के अनुसार, लेखपालों ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में लेखपाल शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। कई बार रंजिश के चलते झूठी शिकायत की आशंका रहती है। ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य तथा लेखपाल के अधिकार क्षेत्र की जांच आवश्यक है। संगठन भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता है, लेकिन दोषी कर्मचारी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई होनी चाहिए।
इस दौरान सुबोध गौतम, राघवेंद्र प्रताप सिंह, सुरेंद्र प्रजापति, विचित्र मणि त्रिपाठी, आशुतोष कुमार, संगम प्रसाद, आकाश, आयुष आदि मौजूद रहे।
खड्डा व हाटा प्रतिनिधियों के अनुसार, लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।

तहसील अध्यक्ष विभव शर्मा ने कहा कि ऐसी कार्रवाई से ईमानदारी से काम करने वाले लेखपालों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। इसी तरह हाटा तहसील के लेखपालों ने कलम बंद हड़ताल कर थाना दिवस का बहिष्कार किया। इस दौरान तहसील अध्यक्ष विश्व प्रकाश राजन, मंत्री राजीव भारती, नवीन मिश्रा, सुनीता सिंह, अजीत कुमार यादव, अजीत कुमार वर्मा, मोहम्मद शादाब आदि मौजूद रहे।
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