ज्ञापन में रहसू जनोबी पट्टी, सरैया महंथ पट्टी, कनौरा, घुनवलिया और मधुरिया गांव के लोगों ने कहा कि वर्ष 1994 में उन्हें कृषि योग्य भूमि का पट्टा मिला था। इसके बावजूद आज तक जमीन पर उनका कब्जा नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार तहसील प्रशासन की ओर से जमीन पर स्टे होने की बात कही जाती है।
उन्होंने स्टे संबंधी आदेश दिखाने और स्टे नहीं होने की स्थिति में पट्टाधारकों को कब्जा दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पट्टे की जमीन पर कुछ लोग कई वर्षों से जुताई-बुआई कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की पहचान कर जमीन खाली कराने की मांग की। साथ ही खतौनी में पट्टाधारकों के नाम दर्ज होने के बावजूद मौके पर कब्जा नहीं होने की भी जांच कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि मामले की बिंदुवार जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी जाएगी। इस दौरान अविनाश गोंड, प्रियेश गोंड, सुनीता देवी, किरण देवी, चमेली देवी, कुसुम देवी, अमर देवी, समन देवी, सुमन प्रसाद, रामप्रसाद यादव, साहिब गोंड, सिद्धनाथ प्रसाद, दिनानाथ प्रसाद, चंदन प्रसाद, रघुनाथ गोंड, रामधन गोंड, सरयू देवी, ममता देवी आदि मौजूद रहे।