कसया। दीवानी कोर्ट परिसर में नवनिर्मित पुस्तकालय भवन में गुणवत्ता की अनदेखी करने का आरोप लगाकर छह अधिवक्ताओं ने कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया।
उनका आरोप है कि लोकार्पण के पूर्व ही भवन की दीवारों पर किया गया प्लास्टर और फर्श क्षतिग्रस्त हो गया है। इस भवन का निर्माण तत्कालीन सांसद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री कुंवर आरपीएन सिंह की निधि से बनाया गया है।
कुशीनगर के तत्कालीन सांसद कुंवर आरपीएन सिंह की ओर से 2012 में दीवानी कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के लिए छह लाख की लागत से 600 वर्ग फुट क्षेत्रफल में पुस्तकालय भवन के निर्माण की योजना स्वीकृत की गई थी।
उसी वर्ष कार्यदायी संस्था कसया ब्लॉक को धन आवंटित हुआ और भवन का निर्माण भी पूरा कर दिया गया। मंगलवार को भवन का लोकार्पण होना था।
इसी बीच कुशीनगर सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शिवशंकर यादव, कनिष्ठ उपाध्यक्ष इंद्रप्रताप यादव, कोषाध्यक्ष आनंद राय, संयुक्त मंत्री वशिष्ठ कुमार सिंह और कार्यकारिणी के सदस्य जयश्री सिंह एवं दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने अध्यक्ष अशोक कुमार राय को अपना इस्तीफा दे दिया।
इन अधिवक्ताओं का आरोप है कि लोकार्पण के लिए बनवाए गए शिलापट्ट पर कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों का नाम अंकित नहीं है। इसके अलावा जगह-जगह दीवार का प्लास्टर और कमरे का फर्श क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसी स्थिति में पुस्तकालय भवन का लोकार्पण उचित नहीं है।
इस मौके पर विनय सिंह, राकेश सिंह, ओमप्रकाश पांडेय, राकेश तिवारी, दीनदयाल मल्ल, दिव्यप्रकाश मणि, रवींद्र मणि, रमेश मिश्र, रघुनाथ यादव, हारून सिद्दीकी, सैदुज्जमा, अरविंद पाठक, दिनेश ओझा आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।