खड्डा। खड्डा तहसील मुख्यालय स्थानांतरित किए जाने की कोशिश किए जाने से नाराज अधिवक्ताओं ने मंगलवार को सामूहिक उपवास रखकर न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं के आंदोलन को भाकियू सहित कुछ अन्य लोगों ने समर्थन की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से 14 मार्च 2015 को उद्घाटन किए जाने के साथ ही खड्डा तहसील अस्तित्व में आ गया। खड्डा स्थित सिंचाई विभाग के कालोनी में अस्थायी तहसील मुख्यालय बनाकर सभी कार्य संचालित होने लगे तो लोगों में उम्मीद जगी कि खड्डा नगर पंचायत क्षेत्र के अंदर या इससे सटे मुख्यालय भवन का स्थायी निर्माण होगा।
परंतु अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील मुख्यालय खड्डा से कई किलोमीटर दूर ले जाने की साजिश की जा रही है। तहसील मुख्यालय दूर होने से लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा। तहसील मुख्यालय दूर बनाने की कोशिश किए जाने से नाराज अधिवक्ताओं ने छह चरणों में विरोध करने का रूपरेखा बनाई है।
इसी क्रम में पहले चरण में 29 जनवरी 2016 को खड्डा तहसील के अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया था। दूसरे चरण में नौ फरवरी मंगलवार को तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल, अनूप मिश्रा की अगुवाई में अधिवक्ता न्यायिक कार्य का बहिष्कार करके सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक सामूहिक उपवास पर बैठ।
इनके समर्थन में भाकियू सहित काफी संख्या में जनता भी शामिल रही। आंदोलनरत वकीलों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि तहसील मुख्यालय खड्डा उपनगर से अन्यत्र किसी भी हाल में नहीं जाने दिया जाएगा।