शुक्रवार को जिला मुख्यालय से पोलिंग पार्टियों को बूथों पर भेज रहे अफसरों को कर्मचारियों की पैंतरेबाजी से बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों के समय से नहीं पहुंचने की वजह से कई जगह रिजर्व पार्टी के कर्मचारियों को भेजना पड़ा। इस स्थिति से झल्लाए डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्घ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद भी तमाम कर्मचारी नहीं पहुंचे।
जिले के 2516 बूथों पर मतदान कराने के लिए 11 हजार से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। शुक्रवार की सुबह जिला मुख्यालय से इन पार्टियों को बूथों के लिए रवाना किया जा रहा था। चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए तमाम कर्मचारियों ने पहले से अर्जी दे रखी थी, लेकिन बहुत कम ही लोगों की ड्यूटी कट पाई थी। पोलिंग पार्टी भेजने के लिए कर्मचारियों की पुकार होने लगी। पता चला कि किसी पार्टी के पीठासीन अधिकारी गायब हैं तो किसी में मतदान अधिकारी प्रथम या द्वितीय नहीं पहुंचे हैं। इन अनुपस्थित कर्मचारियों की लगातार पुकार हो रही थी, लेकिन वे पहुंच ही नहीं रहे थे।
पडरौना विधानसभा क्षेत्र की तीन पार्टियां ऐसी थीं जिनमें शामिल कोई कर्मचारी दोपहर दो बजे तक नहीं पहुंचा था। इसके चलते पार्टियां रवाना नहीं हो पा रही थीं और उधर वरिष्ठ अफसर लगातार पार्टी रवानगी की स्थिति की समीक्षा में लगे थे। इसके बाद आनन-फानन रिजर्व टीमों के कर्मचारियों को भेजा जाना शुरू हुआ। इसी दौरान निरीक्षण करने पहुंचे डीएम शम्भु कुमार को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने अब तक अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्घ सख्त कार्रवाई का निर्देश कार्मिक अधिकारी को दिया।
इस संबंध में बीएसए मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि कुछ कर्मचारी तो वाजिब वजह से अनुपस्थित रहे जबकि तमाम कर्मचारियों ने जान बूझकर देरी की। ऐसे लोगों की सूची बनवाई जा रही है। इन लोगों के विरुद्घ सख्त कार्रवाई की जाएगी।