रबी की बुआाई कर चुके किसान अपने फसलों की सिंचाई को लेकर फिक्रमंद हैं। क्योंकि नहरों में अभी तक पानी नहीं आया है और पंपिंगसेट से सिंचाई करने के लिए रुपये की जरूरत है, लेकिन नोटबंदी के बाद से बैंकों में बंदी होने से रुपये नहीं मिल पा रहे हैं।
हाटा क्षेत्र के किसान विश्वनाथ भास्कर, कन्हई सिंह, नागेंद्र सिंह, मुस्तकीम, शिवशंकर दुबे, राधेश्याम, मिश्री कन्नौजिया, रामधनी प्रजापति, दर्शन मल्ल, नर्वदेश्वर तिवारी सहित अन्य किसानों का कहना है कि अभी वह लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कुछ किसान महंगे दाम पर डीजल खरीद कर अपनी फ सल की सिंचाई कर उसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं। नोटबंदी के कारण बैंकों से अपेक्षा के अनुरूप रुपये न मिल पाने से किसानों को कई तरह की दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। इन किसानों का कहना है कि अभी शुरुआत में ही नहरों में पानी नहीं है तो आगे चलकर क्या होगा।