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Kushinagar News: पूजा के लिए फूल लेने गए मजदूर की पोखरे में डूबकर मौत

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बेसुध हुई पत्नी, पिता की मौत से टूटे दो बेटे, परिवार की खुशियों पर छाया मातम
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कप्तानगंज क्षेत्र के बोदरवार गांव का मामला
बोदरवार। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बोदरवार गांव में रविवार की सुबह कीर्तन गौड़ (45) की पोखरे में डूबकर मौत हो गई। वह सुबह करीब पांच बजे पूजा के लिए फूल लेने रेलवे ढाला के पास स्थित पोखरे पर गए थे। उनकी मौत से पत्नी गीता देवी और दो बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है। कीर्तन मजदूरी करते थे उनकी मौत से परिवार के सामने जीवनयापन की चिंता भी खड़ी हो गई है।
जानकारी के अनुसार, दिवंगत रामबेलाश गौड़ के पुत्र कीर्तन गौड़ रविवार सुबह पूजा के लिए फूल लेने पोखरे पर गए थे। कुछ ही देर बाद उनके डूबने की खबर मिली तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। वहां पोखरे के पानी में उनका शव उतराया मिला। लोगों ने शव को बाहर निकाला और घर पहुंचाया। जिस सुबह की शुरुआत पूजा की तैयारी से हुई थी, वही सुबह परिवार के लिए जीवन का सबसे दुखद दिन बन गई।
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कीर्तन की मौत की खबर सुनते ही पत्नी गीता देवी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पति को खोने का सदमा वह सह नहीं सकीं। वह दहाड़े मारकर रोने लगीं और बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। बड़े बेटे शिवम (25) और छोटे बेटे सत्यम (18) का भी रो-रोकर बुरा हाल था। घर में अपनों को संभालने वाला कोई शब्द नहीं था, हर ओर सिसकियां और चीख-पुकार सुनाई दे रही थीं। परिवार का यह दुख देखकर गांव के लोग भी गमगीन हो उठे।
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मजदूरी कर परिवार आजीविका चलाते थे कीर्तन
कीर्तन परिवार की रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा थे। मजदूरी कर वह पत्नी और दोनों बेटों का जीवन चलाते थे। उनके अचानक चले जाने से परिवार ने सिर्फ अपना प्रियजन ही नहीं खोया बल्कि वह हाथ भी खो दिया, जिसके सहारे घर की जरूरतें पूरी होती थीं। अब पत्नी और दोनों बेटों के सामने उनकी यादों के साथ जिंदगी आगे बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की कठिन राह है। इस हादसे से पूरे गांव में शोक छाया हुआ है। कप्तानगंज थानाध्यक्ष धीरेंद्र राय ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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