भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर का पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान है। आवश्यकता है इसे प्रचारित करने की। जैसे आगरा, मथुरा व अयोध्या पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, वैसे ही कुशीनगर में पर्यटकों को लुभाने की अपार संभवनाएं हैं। यह कहना है जिले के डीएम आंद्रा वामसी का।
डीएम ने रविवार को कुशीनगर के पर्यटन विकास के लिए तैयार किट का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि प्रशासन की तरफ से तैयार कराए किट में भगवान बुद्ध सहित अन्य पर्यटक स्थलों की जानकारी दी गई है। इनसे जुड़ी तस्वीरें व उनका इतिहास भी डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉट कुशीनगर टूरिज्म डॉट ओआरजी वेबसाइट पर अपलोड किया गया है, जिसे व्हाट्सएप व यूटयूब के माध्यम से देखा जा सकता है।
कुशीनगर में आने वाले पयर्टकों की संख्या लगभग 30 हजार सलाना है। वहीं जनवरी में कुशीनगर में भारी संख्या में स्थानीय पर्यटक पहुंचते हैं। यह इस बात का संकेत देता है कि कुशीनगर अपनी सुंदरता की वजह से पर्यटकों को आकर्षित करता है। जरूरत है यहां आने वाले पर्यटकों को आतिथ्य सत्कार करने का। उन्होंने कहा कि पर्यटन को रोजगार के दृष्टिकोण से भी बढ़ावा देने की जरूरत है। इससे क्षेत्रीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और देश व प्रदेश के आय में वृद्घि होगी।
इस मौके पर एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल, थाई मंदिर के भंते पी सोंगक्रान, ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार के प्रबंधक भंते महेंद्र, बिड़ला धर्मशाला के प्रबंधक वीरेंद्र नाथ तिवारी, वर्मी मंदिर से बौद्ध भिक्षुणी धम्मनयना और तिब्बती, श्रीलंका, जापानी व कोरियाई मोनेस्ट्री के प्रतिनिधि सहित अंबिकेश त्रिपाठी, पर्यटन सूचना अधिकारी प्राण रंजन, वरिष्ठ संरक्षण अधिकारी इंजीनियर पंकज तिवारी, राजेश मणि त्रिपाठी, लेखपाल ब्रजेश मणि त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह आदि मौजूद रहे।