पडरौना। कप्तानगंज-थावे रेलखंड पर यात्रियों की दुश्वारियां खत्म नहीं हो रही हैं। आमान परिवर्तन के 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस रूट पर एक एक्सप्रेस ट्रेन को छोड़ सिर्फ पैसेंजर ट्रेनों का ही संचालन किया जाता है। नियमित रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन नहीं होने से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत अन्य बड़े महानगरों को जाने के लिए यात्रियों को कप्तानगंज या गोरखपुर जंक्शन जाना पड़ता है।, इससे उन्हें काफी परेशानी होती है। हालांकि इस रेलमार्ग पर समय-सयम पर त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालित होता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नियमित ट्रेन चले, तो लोगों को आवागमन में सहुलियत होगी।
बता दें कि 16 दिसंबर 2011 को कप्तानगंज-थावे रेलखंड को मीटरगेज से ब्रॉडगेज में तब्दील कर दिया गया। बड़ी रेल लाइन बनने के बाद इस रूट पर चलने वाले यात्रियों में यह उम्मीद जगी कि अब उन्हें लंबी दूरी की यात्रा करने में काफी आसानी होगी, लेकिन उनकी इस उम्मीद पर पानी फिर गया। 13 वर्ष बीतने के बाद भी इस रेलखंड पर पैसेंजर के अलावा एकमात्र लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस ट्रेन का ही संचालन किया जाता है। हालांकि रेल मंत्रालय की तरफ से समय-समय त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन होता है, लेकिन लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन कराने को लेकर लोग कई बार जनप्रतिनिधि और रेलवे के अधिकारियों को मांग पत्र सौंप चुके हैं। इसके बावजूद न तो इस रूट पर रेलवे के अधिकारियों की नजर पड़ी और न ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की। ऐसे में बड़े महानगरों को जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
क्या कहते हैं यात्री
कप्तानगंज-थावे रेलखंड पर एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन नहीं होने से काफी परेशानी होती है। बड़े महानगरों में जाने के लिए गोरखपुर या बिहार के कप्तानगंज से ट्रेन में बैठना पड़ता है।
-आलोक अग्रवाल, निवासी पडरौना।
व्यवसाय के दृष्टिकोण से यह रेलखंड काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन इस पर एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन न होने से दिक्कतें होती हैं। इससे समय और अधिक किराया देकर उन्हें गोरखपुर जाना पड़ता है।
-सचिन चौरसिया, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल।
बड़ी रेल लाइन बनने के बाद काफी उम्मीदें थीं कि यहां से बड़े शहरों को जाने के लिए एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। रेलवे के अधिकारियों को इस रूट पर ध्यान देना चाहिए। त्योहारों पर रेल मंत्रालय त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन करता है, लेकिन नियमित ट्रेन का संचालन नहीं होता है। रेल मंत्रालय और जनप्रतिनिधियों को लंबी दूरी की नियमित ट्रेनों का संचालन करना चाहिए।
-दीपनारायण अग्रवाल, व्यापारी।
कोट
कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पर त्योहार स्पेशल ट्रेन के अलावा लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाल में ही रेल मंत्री से मिलकर गोरखपुर-सिवान वाया देवरिया रेल मार्ग पर संचालित लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में से कम से कम एक ट्रेन का संचालन कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग के रास्ते से करने के लिए अनुरोध किया है। शीघ्र ही इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
-विजय कुमार दुबे, सांसद, कुशीनगर।
कोट
किसी भी रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन का निर्णय रेल मंत्रालय करता है। यदि रेल मंत्रालय की तरफ से कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पर ट्रेन संचालन की अनुमति मिलती है, तो उसका तत्काल संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
-हिमांशु राव, मुख्य प्रचार निरीक्षक, पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल।
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सुधीर कुमार मिश्र