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Kushinagar News: गंडक का डिस्चार्ज 90 हजार क्यूसेक के पार, बांधों पर बढ़ा दबाव

Mon, 04 Aug 2025 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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भैसहा गांव के पास तटबंध के किनारे बढ़ा गंडक का दबाव।  - फोटो : संवाद
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तमकुहीरोड। गंडक नदी से पानी के डिस्चार्ज से रविवार को नदियों के जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि का सिलसिला शुरू हो गया है। दोपहर में नदी का डिस्चार्ज 81 हजार, जबकि दो बजे बढ़कर 90 हजार क्यूसेक से अधिक पहुंच गया। लगातार बारिश होने से इसमें और वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है।
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इससे एक बार फिर पिपराघाट से लेकर अहिरौलीदान तक बांधों पर पानी का दबाव बढ़ने से खतरा बढ़ गया है। हालांकि, इस संभावित खतरे को देखते हुए अभियंताओं ने चौकसी बढ़ा दी है। सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक लगभग साढ़े 17 किलोमीटर के क्षेत्र में गंडक नदी बहती है। यह बांध के किनारे घनी आबादी वाले गांवों से गुजरती है। पिछले कई सालों से नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े के कारण नदी के तटबंध क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
यही कारण है कि जब भी नदी का डिस्चार्ज बढ़ता है तो तटबंधों पर दबाव बढ़ जाता है। इस समय बाढ़ खंड सेवरही की ओर से नरवाजोत, जवही दयाल, मुसहर बस्ती, ठोकर नंबर चार और विरवट कोन्हवलिया में परियोजना कार्य जोर-शोर से पूरा कराया जा रहा है। सभी जगहों पर लगभग तीन चौथाई कार्य पूरा भी हो चुका है।
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क्षेत्र के केदार सिंह, प्रभु गुप्ता, ध्रुव निषाद, प्रभुनाथ यादव, प्रदीप सिंह आदि ने कहा कि नदी के डिस्चार्ज में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो पिपराघाट, चैनपट्टी, बाक खास, विरवट, बाघा चौर, नोनिया पट्टी, कचहरी टोला सहित अन्य कई जगहों पर बांधों पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।
बाढ़ खंड जेई रमेश धर दुबे, सुनील कुमार यादव, विनोद शर्मा, अमर श्रीवास्तव, बृजमोहन कुशवाहा, रामचंद्र प्रसाद आदि ने नरवाजोत बांध और एपी बांध पर अपनी चौकसी तेज कर दी है।
इस संबंध में बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीप रतन सिंह का कहना है कि बांध को पूरी तरह सुरक्षित है। सभी संवेदनशील जगहों पर नजर रखी जा रही है, जिससे किसी खतरे से निपटा जा सके।
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