पकवा इनार। राजकीय बौद्ध संग्रहालय में महात्मा गांधी से संबंधित छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। संग्रहालय पहुंचने वाले लोग गांधी जी के जीवन आधारित प्रमुख घटनाओं का अवलोकन कर ज्ञानवर्धन कर रहे हैं।
संग्रहालय के वरिष्ठ सहायक तेज प्रताप शुक्ल कहा कि इतिहास हमें शिक्षा भी देता और प्रेरणा भी। इतिहास अमूर्त होता है और संग्रहालय इतिहास को मूर्त बनाता है। संग्रहालय हमारी, संस्कृति विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त माध्यम है। संग्रहालय संस्कृति, सभ्यता के संवाहक हैं। इतिहास केवल घटनाओं का संकलन मात्र नहीं है। इतिहास हमें शिक्षा भी देता है और प्रेरणा भी। इतिहास अमूर्त होता है और संग्रहालय उसी इतिहास को मूर्त बनाते हैं।
संग्रहालय में मंगलवार में विभिन्न विद्यालयों के लगभग 250 छात्र-छात्राओं व गुरुजन पहुंचकर छायाचित्र प्रदर्शनी और कला वीथिका में कलाकृतियां देखीं। इसके अलावा केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ, वाराणसी (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से संचालित) के सदस्यों व कर्मचारियों ने संग्रहालय का भ्रमण किया। छायाचित्र प्रदर्शनी और कला वीथिका में बुद्ध की प्रदर्शित कलाकृतियों के माध्यम से कला एवं संस्कृति के विविध पक्षों की जानकारी हासिल की।