पडरौना। तमंचा दिखाकर दो भाइयों के सामने से युवक का अपहरण नहीं हुआ था। बल्कि, कर्ज से उबरने के लिए तीन दोस्तों ने अपहरण की झूठी कहानी रची थी और अपहृत दोस्त के परिजनों से आठ लाख की फिरौती मांग रहे थे। केस दर्ज कर पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस की मदद से बुधवार को घटना का पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भिजवा दिया। हकीकत जानने के बाद घर वाले भी दंग रह गए।
एएसपी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि शहर के मटियरवा निवासी किशन सिहं उर्फ हिमांशु, सेवरही के विकास चौबे और राजा जायसवाल शेयर मार्केट ट्रेडिंग का काम करते थे। वह क्षेत्र के कई लोगों के रुपये इसमें लगाए थे। शेयर मार्केट में रुपये डूबने के बाद लोग रुपये के लिए तीनों पर दबाव बनाने लगे। लोगों से लिए गए रुपये वापस न करना पड़े, इसके लिए तीनों ने मिलकर किशन सिंह उर्फ हिमांशु की सहमति से अपहरण की कहानी बनाकर उसके चाचा जो शिक्षक हैं, से फिरौती मांगने की साजिश रची।
योजना के तहत एक अप्रैल को किशन सिहं उर्फ हिमांशु सिंह अपने दो भाइयों अंकित सिंह व चचेरा भाई प्रतीक सिंह को लेकर बाइक से पडरौना जाने के लिए निकला। आरोपी किशन सिहं उर्फ हिमांशु सिंह जानबूझकर बाइक सुनसान रास्ते पर लेकर गया, जहां पहले से मौजूद इसके दोस्त विकास चौबे व राजा जायसवाल ने किशन सिहं उर्फ हिमांशु सिंह का तमंचा के बल पर अपहरण कर लिया और बाइक पर बैठाकर भाग निकले।
किशन सिहं उर्फ हिमांशु के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर छानबीन शुरू की। अपहर्ता अपहृत के चाचा लालसाहब सिहं के पास फोन कर कठकुइया रेलवे स्टेशन पर फिरौती की रकम आठ लाख रुपये के साथ बुला रहे थे। सर्विलांस की मदद से पुलिस को यह सफलता मिली। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो तमंचे और एक बाइक बरामद की है।
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शेयर मार्केट में डूब गए थे 10-12 लाख रुपये
-करीब तीन साल से तीनों दोस्त मिलकर शेयर मार्केट ट्रेडिग का काम करते थे। क्षेत्रीय लोगों से शेयर मार्केट में रकम लगाने के लिए रुपये लेते थे। पुलिस ने बताया कि शेयर मार्केट में दस से 12 लाख रुपये डूब गया। रकम लगाने वाले फायदा नहीं पूंजी वापस करने के लिए दबाव बनाने लगे। इसी लिए अपहरण की झूठी कहानी तीनों दोस्तों ने रची थी।