रामकोला। खोटहीं गांव के लोगों की पीड़ा सुनने मंगलवार को राज्यमंत्री पहुंचे। अपनी पीड़ा बताते हुए महिलाएं रो पड़ीं। इसके बाद राज्यमंत्री ने एसपी से बातकर किसी निर्दोष व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं करने को कहा।
रामकोला थानाक्षेत्र के खोटहीं गांव में होली के दिन गांववालों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। राज्यमंत्री खोटहीं गांव के रामबर भरटोली, देवीपुर, धोबिया टोला और खैरटिया टोलों में जाकर लोगों से मिले। वहां केवल महिलाएं ही मौजूद थीं।
रामबर भरटोली की मंजू देवी ने कहा कि पिछले बुधवार की भोर में पुलिस उनके टोले पर छापा मारी। मंजू की बहू को बच्चा होने वाला था। पुलिस के डर से घरवालों के साथ वह भी भागी और खेत में गिर गई, जिससे उसके पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। रजवी देवी, झुलरी देवी, गुड्डी, उषा देवी, रबड़ी ने रोते हुए बताया कि पुलिस का टोले पर इतना खौफ है कि लोग सहमे हुए हैं।
इनका कहना था कि पुलिस के धक्का देने से किशनावती नाम की बुजुर्ग गिर गई थीं, जिससे कुछ दिनों पूर्व उसकी मौत हो गई। महिलाओं का यह भी कहना था कि इस टोले से दो किलोमीटर दूर विवाद हुआ था, लेकिन पुलिस इस टोले के चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गांव के अधिकतर लोग घर छोड़कर जा चुुके हैं और देखभाल करने वाले पुरुष गेहूं के खेत में सो रहे हैं।
महिलाओं की पीड़ा सुनने के बाद राज्यमंत्री ने एसपी से बात की और कहा कि पुलिस दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे, निर्दोष लोगों को प्रताड़ित न किया जाए। इस दौरान घनश्याम सिंह, रविप्रकाश राव, बीएन सिंह आदि मौजूद थे।