बेलवा कारखाना। भारतीय संस्कृति दुनिया के अन्य संस्कृतियों से श्रेष्ठ है। भारतीय संस्कृति में अपने पूर्वजों को याद करने के लिए निधन के बाद भी उनकी पुण्यतिथि मनाकर सम्मान किया जाता है। पुण्यतिथि पर होने वाले आयोजन भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर स्थापित कराते हैं।
ये बातें प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कही। वे रविवार को फाजिलनगर ब्लॉक के कोइलसवा गांव में ठाकुर गिरि उर्फ पुजारी बाबा की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। मंत्री शाही ने कहा कि माता-पिता के निधन होने के बाद भी उनकी दिव्य आत्मा का आशीर्वाद जीवन भर कवच-कुंडल की तरह हमारी रक्षा करता है।
विधायक गंगा सिंह कुशवाहा ने कहा कि ठाकुर गिरि उर्फ पुजारी बाबा लोक कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहे। सहज, सरल और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी ठाकुर गिरि उर्फ पुजारी बाबा हमेशा समाज के पीड़ित और शोषित लोगों की सेवा करते रहते थे। भाजपा नेता महेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जो मातृ ऋण पित्र ऋण को पारंगत करने का यज्ञ करता है, वही सुपुत्र होता है। इसके अलावा अजय राय, विजय शुक्ल, विजय शंकर तिवारी, प्रेम प्रकाश, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, पुरुषोत्तम गिरि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इसके पूर्व श्रद्धांजलि सभा में आए अतिथियों ने ठाकुर गिरि उर्फ पुजारी बाबा के चित्र पर पुष्पार्चन कर नमन किया। संचालन राजेंद्र यादव ने किया। रामवृक्ष गिरि ने अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
इस मौके पर दिवाकर मणि, महेंद्र दूबे, भरत तिवारी, विपिन सिंह, मालती देवी, संतोष दत्त राय, शुचिता देवी, मंजू देवी, गिरीश पांडेय, नरेंद्र पांडेय, जय प्रकाश मिश्र, डॉक्टर रामानंद श्रीवास्तव, डॉक्टर अशोक तिवारी आदि शामिल रहे।