कलाकंद एक दिन और रसगुल्ला दो दिन में माना जाएगा खराब
-स्थानीय विक्रेता खुली मिठाइयों के ट्रे पर लगाएंगे ऐसा टैग
- ब्रांडेड कंपनियों की मिठाइयों पर भी मैन्युफैक्चरिंग एवं बेस्ट बिफोर डेट लिखना जरूरी
मिठाइयों के बनने और खाने योग्य तिथि का टैग लगाना होगा अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। मिठाइयां खुली हों या ब्रांडेड, उन्हें बनाने की तारीख और कब तक खाने योग्य रहेंगी, इसकी तारीख दर्शाना अनिवार्य कर दिया गया है। खुली मिठाइयों के ट्रे पर ही इसका टैग लगाना होगा। साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा। यह आदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग उत्तर प्रदेश के कमिश्नर की तरफ से जारी किया गया है। यह नियम एक अक्तूबर से लागू हो गया है। सभी खाद्य कारोबारियों को इस पर अमल करना जरूरी होगा।
यह जानकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी मानिक चंद्र सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियमावली में संशोधन कर दिया है। अब खुली मिठाइयों एवं इन्हें रखने में प्रयुक्त होने वाले पात्र या ट्रे पर डेट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग (मिठाई के निर्माण की तिथि) तथा बेस्ट बिफोर डेट (कब तक खाने योग्य रहेगी) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना होगा। उन्होंने बताया कि खाद्य कारोबारी मिठाइयों पर बेस्ट बिफोर डेट की घोषणा करने में मिठाइयों की प्रकृति व वहां की परिस्थिति का ध्यान रखेंगे। इसकी विस्तृत जानकारी भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की वेबसाइट गाइडेंस नोट ऑन सेफ्टी एंड क्वालिटी ऑफ ट्रेडिशनल मिल्क प्रोडक्ट्स पर उपलब्ध है। वेबसाइट पर मिठाइयों की सेल्फ लाइफ तथा उदाहरण के लिए उससे संबंधित लोगों का प्रयोग कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक खाद्य कारोबारी को दुकान की सफाई व्यवस्था एवं स्वास्थ्य मानकों का पूरा ध्यान देना होगा। पैकेट वाले मिल्क प्रोडक्ट्स वाली मिठाइयों पर डेट ऑफ मैन्यूफैक्चरिंग व बेस्ट बिफोर डेट के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग एंड लेबलिंग) नियमावली के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा।
अभिहित अधिकारी ने जनपद के समस्त खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया है कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश की तरफ से जारी किए गए इस निर्देश का पालन करें।
किस मिठाई की वैधता कितने दिन-
अभिहित अधिकारी ने बताया कि खुली मिठाइयों के ट्रे पर क्रम संख्या, खाद्य पदार्थ का नाम और खराब होने का समय दर्शाना अनिवार्य है। कलाकंद और इसके संस्करण जैसे बटर स्कॉच, कलाकंद, चाकलेट कलाकंद बनाने के 24 घंटे तक उपयोग में लाया जा सकता है। दुग्ध उत्पाद और बंगाली मिठाई जैसे बादाम दूध, रसगुल्ला, रस मलाई, राबड़ी रस मलाई, साई टोस्ट, राजभोग, चमचम, मलाई रोल, बंगाली राबड़ी, हिरामनी, गुर संघेश, हरि भोग, अनारोध, अनारकली, माधुरी, पाकिजा, रस्क डंप, गुरकक्ष गोला, संघेश, रासकट्टा, खीरमोहन, गुर रसमलाई, गुरु रसगुल्ला बनाने के दो दिनों के भीतर उपयोग में लाया जा सकता है। इसी तरह लड्डू और खोवा की मिठाई जैसे मिल्क केक, मथुरा पेड़ा, सादा बर्फी, मिल्क बर्फी, नारियल बर्फी, चाकलेट बर्फी, सफेद पेड़ा, पिस्ता बर्फी, बूंदी लड्डू, लाल लड्डू, मोतीचूर मोदक, चिनिया बादाम, मेवा बत्ती, फ्रूट केक, केसर नारियल लडडू, छोटी मलाई घेवर, व्रत तेसरिया नारियल लडडू, छोटे मेवा लडडू, गुलाबी बर्फी, तिल बुग्गा, रेवड़ी, ड्राई फ्रूट ली बग्गा, शाही घेवर, खोवा केयर बादाम रोल, तिल बाटी, खीर कदम, खीर बीज बर्फी, नारियल बर्फी, मोतीद पाक निमार्ण के चार दिनों के भीतर ही उपयोग में लाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि घी ड्राई फ्रूट्स जैसे ड्राई फ्रूटस लड्डू, काजू कतली के साथ मिठाई घेवर, साकार पारा, गुर पारा, शाही लड्डू, मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, मोती बूंदी की लड्डू, केसर बर्फी, काजू, काजू सेक, गोजिया, बादाम लौंग, कालूसाही, बादाम बर्फी, काजू अंजीर रोल, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मैदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्टा लौंग, केसर खजूर, अंजीर केक, काजू सेव, काजू गुजिया, काजू कलश, काजू केसर काजू, लाडू, काजू हनी ड्यू, काजू रोल, काजू समोसा, दिल खुशाल बर्फी, काजू रोल कतली, काजू बेक्ड गुजिया, काजू, बर्फी, काजू बेसन बर्फी, काजू रोज कतली को निर्माण के सात दिनों के भीतर प्रयोग किया जा सकता है। इसी प्रकार एटा लड्डू, लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी, खजूर बर्फी, कराची हलवा, सोहन हलवा, गजक, चिक्की निर्माण के 30 दिनों के भीतर ही उपयोग में लाया जा सकता है।