पडरौना। लखनऊ से आए संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. बीके वर्मा ने मंगलवार को सुबह विशुनपुरा सीएचसी का निरीक्षण किया। अस्पताल में गैरहाजिर रहे सीएचसी प्रभारी सहित 19 स्वास्थ्यकर्मियों को उन्होंने अटेंडेंस रजिस्टर में अनुपस्थित कर दिया। इसके बाद दो गांवों में जाकर टीकाकरण की स्थिति देखी। कुबेरस्थान सीएचसी के अंतर्गत पिपरा जटामपुर गांव के खुशीपट्टी टोले पर शासन की गाइडलाइन के अनुसार माइक्रो प्लान न मिलने पर ब्लॉक कम्युनिटी प्रोग्राम मैनेजर को फटकार लगाई।
जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार जेडी डॉ. बीके मंगलवार सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर अचानक सीएचसी पहुंचे। उस समय कुछ ही लोग मौजूद थे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए इसकी जानकारी सीएमओ को दी। उसके बाद उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन किया। उसमें सीएचसी प्रभारी डॉ. हरिपाल विश्वकर्मा, डॉ. अवनीश शाही, डॉ. उमेश चंद्र, फार्मासिस्ट नीरज गुप्त, अश्वनी पाल, मुसकुन दुबे और विनोद को अनुपस्थित कर दिया। इसके अलावा संविदाकर्मियों में अमित वर्मा, अत्येंद्र यादव, दुर्गेश पांडेय, ईश्वरचंद्र, मंजू भारती, रेनू मिश्र, सुनैना, सौरभ समीर, वीरेंद्र शर्मा, डॉक्टर अंजुलता आर्या, डॉ. वेदप्रकाश तिवारी व डॉ. एडीबीपीएन सिंह को अनुपस्थित कर दिया।
जेडी सीएचसी की जांच कर बाहर निकल ही रहे थे कि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. हरिपाल विश्वकर्मा पहुंच गए। जेडी ने उनके साथ खेसिया गांव के तिवारी टोला और सोनवल गांव में पहुंचकर दस्तक अभियान के तहत टीकाकरण की हकीकत जांची। वहां टीकाकरण सही ढंग होता मिला। जेडी की जांच के बाद से सीएचसी में खलबली मच गई है।
कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार जेडी दोपहर एक बजे कुबेरस्थान सीएचसी अंतर्गत पिपरा जटामपुर गांव के खुशीपट्टी टोले पर पहुंचे। मदरसे में बने टीकाकरण केंद्र पर उन्होंने मौजूद आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से दस्तक अभियान की प्रगति के बारे में पूछा। टीकाकरण से संबंधित माइक्रोप्लान विभागीय दिशा-निर्देश के विपरीत मिलने पर उन्होंने ब्लॉक कम्युनिटी प्रोग्राम मैनेजर अमित श्रीवास्तव को कड़ी फटकार लगाई। इसके अलावा अभियान की धीमी गति पर आशा तथा सुपरवाइजर को चेतावनी देते हुए विभागीय गाइड लाइन के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया। उनके साथ डीएमओ एसएन पांडेय, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर शशिशेखर सिंह, डॉ. रविभूषण सिंह सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।