पडरौना शहर के सुभाष चौक पर अलावा सेंकते लोग। संवाद
पडरौना। पांच साल के बाद चार जनवरी का दिन सबसे ठंडा के रूप में दर्ज किया गया। आलम यह रहा कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में केवल नौ डिग्री सेल्सियस का अंतर रहा। इस दौरान लोग ठंड से कांपते रहे। रविवार को पूरे दिन बादल छाए और पूरे दिन ठंडी हवा चलती रही। इससे शीतलहर बढ़ गई। शनिवार के मुकाबले न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
जिले में वर्ष के बदलाव के साथ ही मौसम में भी जबरदस्त बदलाव हो गया था। बीते बृहस्पतिवार और शुक्रवार को पूरे दिन हल्की धूप निकली रही। इसका असर रहा कि पारा 20 डिग्री के करीब पहुंच गया था। इन दिनों मौसम के एकदम साफ होने से जानकार इसे बदलाव का संकेत बता रहे थे। शुक्रवार की मध्य रात्रि में अचानक मौसम बदला और बादल छा गए। इसके बाद से ही जिले का मौसम पूरी तरह खराब हो गया।
शनिवार की तरह ही रविवार की सुबह आसमान में बदली छाए रहने से पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए। सुबह करीब आठ बजे तक कोहरा छाया रहा। इसके बाद कोहर छटा तो आसमान में बादल छाने की वजह से पूरे दिन धूप नहीं निकली, जिससे शीतलहर की स्थिति बनी रही। शनिवार को अधिकतम 15 और न्यूनतम तापमान सात डिग्री था, जो रविवार को 15 और छह डिग्री पर पहुंच गया। दिन में सड़कों पर आवागमन कम ही रहा। शीतलहर के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। यह मौसम गेहूं की फसल के लिए एकदम मुफीद है।
दूसरी ओर मौसम में बदलाव व कड़ाके की ठंड से अस्पतालों में कान, गला और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसके साथ ही मरीजों के गले में जकड़न के साथ दर्द होने के भी मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञ उन्हें बचाव और परेशानी होने पर चिकित्सक से दिखाने की सलाह दे रहे हैं। ठंड के मौसम में कई प्रकार की बीमारियां सामने आ रही हैं।