हाटा। कस्बे से भड़कुलवा तक करीब चार घंटे तक हुए बवाल में सबसे अधिक परेशान दूरदराज की यात्रा करने वाले यात्री हुए। तोड़फोड़ में फंसे यात्री तब तक बदहवास रहे, जब तक वह हंगामे के बीच घिरे रहे।
इस घटना की वजह से कई यात्रियों की ट्रेन छूट गई तो कितनों ने आगे की यात्रा रद कर घर जाना मुनासिब समझा। इस भीड़ में अराजकतत्वों के हाथों कई संभ्रात लोगों को अपमानित भी होना पड़ा।
सुबह का वक्त था। किसी को दफ्तर पहुंचना था तो किसी को दूसरे शहर में जाने के लिए ट्रेन पकड़ी थी। लेकिन हाटा में हुए हादसे के बाद हाइवे पर करीब चार घंटे तक हुए तांडव का शिकार हर वह शख्स बना, जो इस जाम की जद में आ गया।
जब उपद्रवी यात्री बसों और अन्य वाहनों में तोड़फोड़ कर रहे थे तो उसमें बैठे लोगों पर क्या गुजर रही थी। वह उनके चेहरे से साफ झलक रहा था। दहशत के मारे कई लोग कांप रहे थे। बच्चे और महिलाएं चीख रही थीं। लेकिन पुलिस वहां कही दूर-दूर तक नजर नहीं आई।
कई ट्रकों के चालक अपनी गाड़ियों को स्टार्ट छोड़कर ही भाग खड़े हुए। गोरखपुर से पूर्वांचल ग्रामीण बैंक के ब्रांच मैनेजर अपने कुछ सहयोगियों के साथ अपनी कार से हाटा आ रहे थे।
अराजकतत्वों ने न केवल उनकी कार के शीशे तोड़ दिए, बल्कि उनके साथ बदसलूकी भी की। इससे वह काफी आहत हुए।