सोमवार रात से ही आकाश में उमड़-घुमड़ रहे मेघ मंगलवार को जिले की प्यासी धरती पर जमकर बरसे। दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। मानसून की पहली बारिश से एक ओर लोगों को गर्मी से निजात मिली, दूसरी ओर बारिश से किसानों के चेहरे की रौनक बढ़ गई।
इस वर्ष मौसम विज्ञानी अच्छी बारिश की संभावना जता रहे हैं। मई के अंतिम सप्ताह और जून के पहले सप्ताह में कुछ-कुछ अंतराल पर बारिश होते रहने से किसानों को राहत मिली थी। समय से धान का बेहन गिराकर किसानों ने अच्छी बरसात की उम्मीद में रोपाई का कार्य शुरू करा दिया है।
मौसम विज्ञानियों ने दो-तीन दिन में मानसून के पूर्वांचल पहुंचने की उम्मीद जताई थी। किसान भी पुरवा हवा के बढ़ते जोर व उमस से इस बात का अंदाजा लगा रहे थे कि मानसूनी बारिश जल्दी ही शुरू हो सकती है। सोमवार से ही मौसम ने रंग बदलना शुरू कर दिया था। शाम होते-होते बादल घिर आए थे। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई। मंगलवार सुबह भी बादल छाए हुए थे।
पूर्वाह्न 11 बजे पडरौना समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में बरसात शुरू हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक हुई झमाझम बरसात ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई। वहीं पूरे दिन हल्की बरसात और बूंदाबांदी होती रही। वहीं बारिश ने नगर पालिका के दावों की पोल खोल दी। जलनिकासी न होने के चलते रोडवेज बस परिसर में जलजमाव हो गया। वहीं कई स्थानों पर सड़कों पर भी बारिश का पानी जमा हो गया।