सुबह हुई बूंदाबांदी, दोपहर में निकली धूप
राजस्थान की तरफ से लो प्रेशर एरिया बनने से हो रहा है मौसम में परिवर्तन
पडरौना। बृहस्पतिवार को हल्के बादल छाने से सुबह कोहरे के बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ देर बाद बारिश थमी और दोपहर बाद धूप निकल आई। हालांकि गलन के साथ ठंड भी बढ़ गई है। मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए लोग फिर सजग होते नजर आए। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के मौसम में सांस, हृदय और कोरोना के पूर्व मरीजों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
सुबह घना कोहरा रहा। करीब नौ बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे कस्बे की सड़कों पर कीचड़ पसर गया। घर से सुबह निकले लोग ठंड से पहले परेशान दिखे। सुबह दस बजे लोग गर्म कपड़ों से बदन ढकने के बाद ही बाजार, दफ्तर, प्रतिष्ठान के लिए बाहर निकले। हालांकि दोपहर करीब 12 बजे के बाद धूप निकली तो सूर्यदेव और घने बादलों के बीच आंख-मिचौली का खेल चलने लगा। तापमान में बहुत गिरावट नहीं आई, लेकिन गलन भरी ठंड बढ़ने से घर या कार्यालय में बैठे लोगों को परेशानी हुई।
‘स्वास्थ्य के प्रति बरतें विशेष सावधानी’
फिजिशियन डॉ.केपी गोंड ने बताया कि इन दिनों कभी शीत लहर, कभी बूंदाबांदी तो कभी धूप हो रही है। ऐसे में ठंड से बचना जरूरी है। घर से निकलते समय गर्म कपड़े पहनकर निकलें। क्योंकि ठंड लगने पर खांसी, बुखार, दस्त और उल्टी हो सकती है। गर्म पानी पीएं तथा नहाने में भी गर्म पानी का उपयोग करें। ठंड से बचाव के लिए सावधानी जरूरी है। परेशानी अधिक बढ़े तो डॉक्टर से संपर्क करें। कोरोना वायरस का संक्रमण भी बढ़ रहा है। इसलिए मास्क और सामाजिक दूरी का पालन करें।
आठ और नौ जनवरी को हो सकती है बारिश
कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया की मौसम वैज्ञानिक श्रुति वी सिंह ने बताया कि राजस्थान की तरफ से पर्यावरण में लो प्रेशर एरिया बन रहा है। इसके चलते राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। आठ और नौ जनवरी को जिले में करीब तीन एमएम बारिश होने की संभावना है। बारिश के बाद मौसम सही होने का कयास लगाया जा रहा है।
इस तरह के मौसम में बच्चों में निमोनिया, कोल्ड डायरिया, खांसी और सर्दी जैसी बीमारियां बढ़ने की आशंका रहती है। ठंड बढ़ने पर अमूमन लोग बच्चों को कई गर्म कपड़े पहना देते हैं। बच्चे इन कपड़ों को दिनभर पहने रहते हैं। धूप होने के बाद खेलने के चलते बच्चों को गर्मी हो जाती है, जिससे सर्द-गर्म होने से बच्चों को निमोनिया हो जाता है। इन बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों को मौसम के अनुरूप वस्त्र पहनाना चाहिए।
डॉ. एस. प्रसाद, बाल रोग विशेषज्ञ