मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक क्षेत्र के दुबौली गांव का मंगलवार को डीपीआरओ ने निरीक्षण किया। गांव में हुए विकास कार्यों में कई कमियां मिलीं। चारों तरफ गंदगी देख नाराजगी जताते हुए डीपीआरओ ने सफाई कर्मचारी को निलंबित कर दिया। उन्होंने दो वर्ष में कराए गए विकास कार्यों का अभिलेख तलब किया।
गांव में तैनात पंचायत सहायक का नौ माह और केयर टेकर का 14 माह का मानदेय नहीं दिया गया है। वहीं शासनादेश के विरुद्ध ग्राम प्रधान के नाम का बोर्ड पीएम आवासों पर लगा मिला। ग्राम पंचायत में पंचायत भवन एवं सामुदायिक भवन दोनो हैं, लेकिन मरम्मत कराने का प्रयास नहीं किया। जन सेवा केंद्र ग्राम प्रधान के घर से चलाया जा रहा है। यह नियम विरुद्ध है। निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने तत्काल किराए के भवन में जन सेवा केंद्र स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सामुदायिक शौचालय में गंदगी देख नाराजगी जताई। डीपीआरओ ने बताया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की अनियमितता क्षम्य नहीं है। जांच के दौरान कमियां मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है। इस तरह का निरीक्षण अन्य गांवों में भी किया जाएगा।