फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: 10 से अधिक कर्मचारी वाले संस्थानों में आंतरिक परिवाद समिति जरूरी

Sat, 01 Aug 2026 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना। महिलाओं के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए जिले के सभी सरकारी और निजी संस्थानों में आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) का गठन अनिवार्य कर दिया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश चंद्र ने सभी संस्थानों के नियोक्ताओं से तत्काल समिति का गठन या उसका अद्यतन कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 के तहत ऐसे सभी सरकारी और निजी संस्थान, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, मॉल, विद्यालय, महाविद्यालय, निगम, उपक्रम और बैंक, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) का गठन अनिवार्य है। समिति की अध्यक्ष कार्यस्थल पर वरिष्ठ स्तर की महिला कर्मचारी होंगी और समिति का गठन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि समिति का गठन नहीं करने पर पहली बार 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर यह जुर्माना बढ़ाकर एक लाख रुपये तक किया जा सकता है। लगातार नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित निजी संस्थान का पंजीकरण भी निरस्त किया जा सकता है।
उन्होंने सभी संबंधित संस्थानों से अपील की है कि यदि अब तक आंतरिक परिवाद समिति का गठन या उसका अद्यतन नहीं किया गया है तो तत्काल प्रक्रिया पूरी करें। अन्यथा अधिनियम के तहत संबंधित संस्थान के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें