कुशीनगर/रामकोला। झारखंड के जामताड़ा की तर्ज पर कुशीनगर में भी साइबर ठगी का नेटवर्क खड़ा किया जा रहा था। साइबर क्राइम सेल की कार्रवाई में इसका खुलासा होने के बाद गांव वाले भी अवाक रह गए। लोगों का कहना है कि जिन युवकों को वे आलीशान गाड़ियों और लग्जरी जीवनशैली के कारण पहचानते थे, वे देशभर में फैले साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े निकले। दो आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके है। बाकी दो आरोपियों श्याम कुमार केडिया और विश्वजीत की तलाश में साइबर क्राइम की टीम लोकल पुलिस की मदद से दबिश दे रही है।
पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि इनके खिलाफ देशभर में एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर 122 शिकायतें दर्ज हैं और अब तक करीब 34.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से इनके तार जुड़े होने के साक्ष्य मिले हैं।
रामकोला नगर का श्याम केडिया तीन भाइयों मेंं छोटा है। उसे लग्जरी गाड़ियों का शौक है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि वह अक्सर बाहर रहता है। हूटर बजाते लग्जरी गाड़ियों से आता-जाता रहता है। चंद्रपुर के बरवा के सुरेश कुशवाहा तथा पास के टोले का रहने वाला अरविंद पांडेय, कुस्महा के टोला सूरज पट्टी निवासी विश्वजीत सिंह की मदद से साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देता था। यह गिरोह शान-ओ-शौकत की जिंदगी जीने के लिए गरीब व्यक्तियों को रुपये का प्रलोभन देकर जाल में फंसाता था और उनके बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाने व निकालने का काम करता था।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने घटना का पर्दाफाश किया तो रामकोला तथा आसपास के लोगों के पांव तले जमीन खिसक गई। आरोपियों की करतूत और इनके नेटवर्क के बारे में जानने के बाद लोगों ने कहा कि अब तक साइबर फ्राड होने पर लोग झारखंड के जामताड़ा का नाम लेते थे, लेकिन आसपास में ही जामताड़ा जैसे लोग साइबर ठगी के धंधे में लगे है।
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राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश में था सुरेश
पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी सुरेश कुशवाहा भी गांव में राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहा था। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए क्षेत्र में होर्डिंग लगाया है। आरोपी अरविंद पांडेय ने जमीन बेचने के बाद ऐश-ओ-आराम की जिंदगी की चाह में साइबर गिरोह का रास्ता पकड़ लिया। पुलिस ने बताया गिरोह गरीब और जरूरतमंद लोगों को रुपये का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए करता था। इसी नेटवर्क के जरिए देशभर में ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के दरवाजे पर सन्नाटा है। स्थानीय लोग इस खुलासे से हैरान हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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साइबर ठगी गिरोह के दो सदस्य जेल में हैं। नेटवर्क में कई लोग जुड़े हैं। इनके दो और प्रमुख साथी श्याम केडिया और विश्वजीत सिंह को चिह्नित किया गया है। दोनों रामकोला थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनकी तलाश में पुलिस टीम लगी है। नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस काम कर रही है। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर