दुदही। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बैकुंठपुर कोठी गांव में सोमवार को नाबदान में डूबने से डेढ़ वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। बच्चा सुबह 9 बजे से गायब था, जिसका शव दोपहर करीब 12 बजे एक नाबदान में मिला। आनन-फानन में लोग बच्चे को सीएचसी पर ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। दो भाई और एक बहन में छोटा था। इसकी मौत के बाद घर वालों में चीख पुकार-मच गई। घर वालों ने बच्चे का शव दफना दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बैकुंठपुर कोठी गांव निवासी बैजनाथ रोजगार के लिए पूना गया है। घर पर उसकी पत्नी चंदा देवी, दो पुत्र अनंत (5) और अभिनव (डेढ़ वर्ष) व पुत्री अनन्या (3) रहते हैं। सोमवार को सभी बच्चे दरवाजे पर खेल रहे थे। चंदा घर के बाहर लगे पंप से पानी लेकर घर में स्नान करने चली गई। जब आधे घंटे बाद स्नान कर बाहर निकली तो अभिनव नहीं दिखा तो उसकी तलाश शुरू की। उसका कहीं पता नहीं चला। मुहल्ले के लोग को जब जानकारी हुई तो उन्होंने भी बच्चे को खोजना शुरू कर दिया और तरह-तरह की बातें करने लगे। बैजनाथ के घर के आगे सड़क पार कर अमेरिका शर्मा का घर है। उसके घर के किनारे नाबदान है। उस नाबदान में पड़ोस की लड़की ने करीब तीन घंटे बाद अभिनव को देखकर बाहर निकाला। लोग बच्चे को दुदही सीएचसी में ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। गांव वालों अनुसार गांव में जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते अधिकांश लोग अपने दरवाजे गड्ढा खोदकर नाबदान में पानी बहाते हैं।
विशुनपुरा थानाध्यक्ष राजू सिंह ने बताया कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है।