पडरौना। क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें बाल श्रम को अपराध बताते हुए बच्चों को शासन की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं के बारें में विस्तार से जानकारी दी गई।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने कहा कि जिले को बाल श्रम से मुक्त कराने की कार्य योजना के तहत बीते तीन वर्ष में 224 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 288 बाल व किशोर श्रमिकों को चिन्हित किया गया है। मुक्त कराए गए बल श्रमिकों को शैक्षिक व आर्थिक पुनर्वासन की कार्रवाई की गई है। बाल श्रम कराने वाले 143 सेवायोजकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि बाल श्रम अपराध है। बाल श्रम कराने के दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध छह माह से दो वर्ष का कारावास 20,000 से 50,000 रुपये तक अर्थदण्ड का प्रावधान है। यदि कही बाल श्रम की सूचना मिले तो श्रम कार्यालय, पुलिस विभाग और चाइल्ड लाइन से शिकायत की जा सकती है।
इस दौरान रामवृक्ष गिरि, दुर्गेश निषाद, शशि शेखर मिश्रा आदि मौजूद रहे।