दुदही। विकास खंड के कई गांवों में कालाजार तेजी से फैलने लगा है। आठ माह में सीएचसी पर इलाज कराने आए लोगों में से 38 लोगों को जांच के दौरान कालाजार होने की पुष्टि हो चुकी है।
जबकि 110 लोगों की स्थिति संदिग्ध पाई गई है। तीन दिन पहले इस बीमारी से एक महिला की हुई मौत समेत तीन वर्षों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है।
इससे क्षेत्र के लोगों में बीमारी को लेकर अंदेशा बढ़ने लगी है। दुदही विकास खंड के कई गांवों में कालाजार तेजी से पांव पसार रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराने आए लोगों की जांच के बाद उनमें से 38 लोगों को इस बीमारी से ग्रसित होने की पुष्टि हो चुकी है।
उनमें संदीप आठ वर्ष निवासी रकबा दुलमापट्टी, प्रदीप 10 वर्ष गौरीश्रीराम, श्रीनाथ 50 वर्ष मठिया माफी, रामचंद्र 60 वर्ष गनेशापट्टी, संगीता 12 वर्ष अमवादीगर, राघव निवासी गौरी जगदीश, महफूज 10 वर्ष गौरीजगदीश, महबूब 10 वर्ष रामनगर, धनंजय 16 वर्ष रामनगर, सोनी निवासी गनेशापट्टी प्रदीप, 10 वर्ष गनेशापट्टी, रामचंद्र और शोभा कोकिलपट्टी, राहुल जटामपुर, मोटर मठिया माफी, दुजिया 50 वर्ष रकबा दुलमापट्टी, राहुल गनेशापट्टी, सीमा 18 वर्ष कोकिलपट्टी, लालमती 40 वर्ष रकबा दुलमापट्टी, हुकुम 30 वर्ष पृथ्वीपुर, राजकुमार 12 वर्ष पृथ्वीपुर, अनीता 15 वर्ष रकबा दुलमापट्टी, राजन रकबा दुलमापट्टी, सुनीता 17 वर्ष गनेशापट्टी, शंभू 45 वर्ष गनेशापट्टी, कमल 15 वर्ष गोसाईपट्टी, सुिमत्रा 70 वर्ष गौरीश्रीराम, शिवनाथ 50 वर्ष तिवारीपट्टी आदि शामिल हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग के रजिस्टर में 110 लोगों के नाम कालाजार की आशंका के रूप में रूप में दर्ज किए गए हैं।
इस बीमारी से तीन दिन पहले मंझरिया गांव की एक महिला की मौत हो गई। जबकि इसी परिवार का एक व्यक्ति बीमार चल रहा है।
तीन वर्षों में अब तक कालाजार से इस क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के 20 लोगों की मौत हो चुकी है। बीमारी के प्रकोप से क्षेत्र के लोग चिंतित हैं।
इस संबंध में सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर एके पांडेय का कहना है कि अत्याध्ुानिक दवाओं के इस्तेमाल के बाद इस बीमारी पर काफी काबू पा लिया गया है। बीमार लोगों की स्थिति नियंत्रण में है।