पडरौना। अंतरजातीय/धार्मिक विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत अनुसूचित जाति के युवक और युवती यदि गैर अनुसूचित जाति के युवक या युवती से विवाह करते हैं तो उन्हें 50,000 रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाएंगे। योजना के तहत विवाह पंजीकरण अनिवार्य है। आवेदकों को विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना होगा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव ने बताया कि योजना के तहत, ऐसे दंपतियों को 50,000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिनमें एक जीवनसाथी अनुसूचित जाति का और दूसरा गैर-अनुसूचित जाति जैसे ओबीसी या सामान्य जाति से हो या दूसरे धर्म को मानने वाले समाज से हो। योजना के तहत विवाह पंजीकरण अनिवार्य है और आवेदकों को विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ पाने के लिए युवक की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और युवती की 18 वर्ष होनी चाहिए। दंपती को कानूनी तौर पर शादी करनी होगी। विवाह पंजीकरण कराना होगा। यह विवाह अनुसूचित जाति (एससी) के व्यक्ति और गैर-अनुसूचित जाति के जीवनसाथी के बीच होना चाहिए था। पति-पत्नी में से कम से कम एक यूपी का स्थायी निवासी होना चाहिए। इच्छुक आवेदक को डीएम या एडीएम के कार्यालय में आवेदन पत्र के निर्धारित प्रारूप की हार्ड कॉपी प्राप्त करने के लिए अनुरोध करना होगा।
यह है आवश्यक दस्तावेज़
- विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र, विवाह रजिस्ट्रार द्वारा जारी किया गया।
- आय व निवास प्रमाण पत्र।- दूल्हे व दुल्हन की आयु का प्रमाण।
- पति-पत्नी दोनों के पहचान पत्र व संयुक्त तस्वीर।
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