आठ साल में ही जर्जर हो गया केजीवी का भवन
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मथौली बाजार (कुशीनगर)। मोतीचक ब्लॉक के मथौली बाजार में वर्ष 2008-2009 में 36 लाख रुपये की लागत से बना कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीवी) भवन आठ साल में ही जर्जर हो गया। विद्यालय अब मोतीचक बीआरसी परिसर में शिफ्ट हो चुका है। परंतु कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की बजाय अफसरों ने पूरे मामले में चुप्पी साध ली है।
केंद्र सरकार के बजट से सभी ब्लॉकों में एक-एक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खोले गए हैं। निर्धन वर्ग की 100 छात्राओं के लिए कक्षा छह से आठ तक संचालित इन स्कूलों के लिए केंद्रीय बजट से ही भवन निर्माण भी हुआ है। मोतीचक ब्लॉक के कस्तूरबा विद्यालय का भवन दो अक्टूबर 2010 को बेसिक शिक्षा विभाग को हैंडओवर हुआ था। परंतु पांच साल बाद ही भवन का फर्श टूटने लगा था। दीवारों के प्लास्टर गिरने व शौचालय की बदहाली से अधिकारी अनभिज्ञ बने रहे। ‘अमर उजाला’ ने इस खबर को कई बार प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद पिछले वर्ष 24 जुलाई को इस भवन को आनन-फानन मोतीचक बीआरसी परिसर स्थित विद्यालय भवन में शिफ्ट करा दिया गया। इस मामले की जांच पीडब्ल्यूडी के अभियंता को सौंपी गई।