कप्तानगंज। कस्बा के किसान चौक पर चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को कथा वाचक आचार्य मुकेश पांडेय ने श्रोताओं को श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं ,पूतना वध और माखन चोरी सहित गोवर्धन पर्वत उठाने का प्रसंग सुनाया। आचार्य ने कहा कि कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने की तैयारी करते हैं। तब भगवान कृष्ण उन्हें इंद्र की पूजन करने से मना करते हुए गोवर्धन महाराज की पूजन करने की बात कहते हैं।
आचार्य मुकेश ने कहा कि कलयुग में शांति के लिए हरि नाम स्मरण का महत्व अति उत्तम है। यह सतयुग और त्रेता युग से सरल उपाय है। कहा कि संसार की वस्तुएं केवल उपयोग के लिए हैं, भगवान के सामने कपट व बनावट न करें। निर्मल मन वाले इंसान को ही भगवान की प्राप्ति होती है।