कसया। सीएचसी कसया में चिकित्सीय व्यवस्था की सोमवार की भोर में पोल खुल गई। नगर के एक युवक की अस्पताल में ही जान चली गई। लेकिन यहां तैनात चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी अपने आवास व घरों में सोते रहे। हालांकि, आधा घंटा बाद चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर अस्पताल पहुंचे चिकित्सक ने जांच कर युवक को मृत घोषित कर दिया।
नगर के वार्ड नंबर 13 श्रीरामजानकी नगर निवासी गुलाब सोनकर के 21 वर्षीय बेटे कमलेश सोनकर की सोमवार की भोर में लगभग चार बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे तो रात्रि सेवा में तैनात स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं थे। परिजनों का आरोप है कि आधा घंटा तक चिकित्सक का दरवाजा पीटते रहे, पर वह नहीं निकले। इसी बीच इलाज के अभाव में युवक की मौत हो गई। परिजनों ने सीएमओ को सूचित कर कार्रवाई की मांग की है। युवक ने तेज बुखार के साथ सिर में असहनीय दर्द होने की बात परिजनों ने बताई थी। लोगों का कहना है कि इमरजेंसी कक्ष अंदर से बंद था। वार्ड ब्वॉय हरिनारायण पटेल सोया था। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. आशुतोष पांडेय अपने सरकारी आवास में सो रहे थे तो फार्मासिस्ट जाकिर हुसैन घर चले गए थे। मृतक युवक के भाई ब्रजेश सोनकर का कहना है कि पहले इमरजेंसी कक्ष का दरवाजा खटखटाया गया, नहीं खुला। आधा घंटा बाद डॉक्टर के आवास का दरवाजा भी काफी खटखटाया गया। वह भी बाहर नहीं निकले। इस बीच भाई की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और उसने भोर में दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय से इलाज हुआ होता तो शायद जान बच गई होती। उन्होंने युवक की मौत के लिए तैनात चिकित्सक व कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है। जबकि चिकित्सक डॉ. आशुतोष पांडेय ने कहा कि कुछ देर पूर्व ही आवास में गया था। दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनकर कपड़ा पहन कर निकला। इतने में मौत हो चुकी थी। इस बाबत सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह ने कहा कि घटना संज्ञान में है। मामले की जांच कराकर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शादी की खुशी मातम में बदली
कसया। कुदरत के सामने हर कोशिश नाकाम होती है। यह बात नगर के वार्ड नंबर- 13 श्रीराम जानकी नगर पर साबित होती दिखी। इस मोहल्ले के एक परिवार में मांगलिक आयोजन को लेकर जहां खुशी का माहौल छाया हुआ था, वहीं, सोमवार की भोर में अचानक तबीयत बिगड़ने से हुई एक युवक की मौत से मातम का माहौल छा गया। गुलाब सोनकर के बेटे बृजेश सोनकर की शादी से पूर्व सोमवार को हल्दी की रस्म निभाई जानी थी, लेकिन यह कुदरत को मंजूर नहीं था। गुलाब सोनकर के 21 वर्षीय बेटे कमलेश सोनकर की सीएचसी में इलाज के अभाव में मौत हो गई है और परिजन देखते रह गए। जहां शगुन होना था, वहां अर्थी निकाली गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। परिवार में यह सब देख वार्ड के लोग एक दूसरे से कहते हुए नजर आए कि जो खुदा को मंजूर होगा, वहीं होगा।